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राहुल गांधी को प्रदेश सरकार की बातों पर भरोसा नही ?

रायपुर cg24आजतक न्यूज़:- छत्तीसगढ़ में मचे राजनीतिक घमासान व दिल्ली दरबार मे मुख्यमंत्री व मंत्री विधायको के हाजिरी लगाने की कवायदों के बीच कल जो खबरे चल रही थी उससे कुछ बातें आमजनता को अभी तक समझ नही आ रहा कि आखिर प्रदेश में सरकार व सरकार में बैठे लोगों व कांग्रेस आलाकमान के बीच आखिर चल क्या रहा ? क्या सही में दाऊ व महाराज के बीच कुर्सी की लड़ाई चल रहा या येे सिर्फ अटकलबाजी ही है। लेकिन कल से जो राजनीतिक खेल चल रहा वो किसी दूसरे नतीजों की ओर संकेत करते दिख रहे है।

कल जो दिल्ली दौड़ शुरू हुई थी तो माना जा रहा था कि आलाकमान ने मुख्यमंत्री सहित मंत्री व विधायको को भी दिल्ली बुलाया है। मगर दोपहर तक यह खबर आ गया कि कांग्रेस हाईकमान विधायको के दिल्ली आने व बिना बुलावे के आने से नाराज है। और इस बात को कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने स्पष्ठ भी कर दिया कि विधायको को नही बुलाया गया है। बावजूद भारी भरकम संख्या में कांग्रेस विधायक दिल्ली पहुंच गए आखिर क्यों ? तो इस बात को कुछ विधायकों ने स्पष्ठ भी कर दिया कि मुख्यमंत्री जी के कहने पर जा रहे है। तो बात दूसरी तो दिख ही रहा था की अंदरखाने कुछ चल रहा है।

दूसरी बात :-कल बिना बुलाये बिना निमंत्रण दिल्ली गए मंत्री व विधायको के बारे में यह खबर सामने आया कि ये सब प्रदेश में हो रहे विकास कार्यो व जनकल्याणकारी कार्यकर्मो की जानकारी राहुल गांधी व वरिष्ठ नेताओं से साझा करेंगे व बताएंगे कि छत्तीसगढ़ की जनता के लिए हमने यह कार्य किया है। व चलाया जा रहा है। तो इसमे भी बड़ा प्रश्न यह सामने आ रहा कि जब पूरी सरकार दिल्ली में राहुल गांधी के सामने प्रदेश सरकार की कार्ययोजना को रख ही रहे थे तो फिर एक हफ्ते बाद आखिर राहुल गांधी छत्तीसगढ़ के दौरे पर क्यों आ रहे जबकि मुख्यमंत्री व मंत्रियों ने सब जानकारी दे दी तो क्या राहुल गांधी को अपनी सरकार के मुख्यमंत्री व मंत्रियों की बातों पर भरोसा नही ? या वे छत्तीसगढ़ में उठे इस राजनीतिक बवंडर को शांत करने के लिए बस्तर की भूमि को उपयुक्त मान रहे है। आखिर कल दिनभर दिल्ली दरबार मे चल रहे बैठकों मुलाकातों का समापन दरबार मे ही क्यों नही किया गया आखिर अब दिल्ली दरबार छत्तीसगढ़ में अगले हफ्ते बैठने जा रहा है। प्रदेश के जो ताजा जानकारी मुख्यमंत्री व मंत्रियों ने दिए है। उनका आंकलन जमीनी स्तर पर आकर करेंगे या कोई बड़ा धमाका होगा प्रदेश के सत्ता सरकार में ।

अब चाहे जो भी हो लेकिन ढाई ढाई साल के फार्मूले को जो कांग्रेस नेता सिरे से नकारते रहे है ।फिलहाल की घटना के बाद वो भी अब कुछ कहने की स्थिति में नही होंगे कि क्या ऐसे फार्मूला पर ही प्रदेश में सरकार का गठन हुआ था कि नही

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