जनपद अध्यक्ष के घर से 1 किलोमीटर दूर चारागाह जमीन पर लगा डामर प्लांट, नियम के विरुद्ध चारागाह जमीन का आवंटन राजस्व विभाग मौन।

गुंडरदेही ब्लॉक मुख्यालय से 4 किलोमीटर दूर ग्राम मुंदेरा के सरपंच ने डामर कंपनी को प्लांट लगाने के लिए चारागाह जमीन को पंचायत प्रस्ताव कर दे दिए
मामला पड़े सिर्फ cg24 आजतक न्यूज़ पर
गुंडरदेही cg 24 आजतक न्यूज़ रिपोर्टर परस साहू छत्तीसगढ़ सरकार के महत्वपूर्ण योजना नरवा घुरवा और बाड़ी के तहत राज्य सरकार सरकारी जमीन को सुरक्षित रखने नदी नाला के किनारे किसानों के द्वारा किए गए कब्जे को हटाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर गौठान के बाजू में चारागाह जमीन पर बाहर की डामर कंपनी को एक सरपंच के द्वारा शासकीय जमीन को लीज में दे दिया गया है। सरकार के नियमो के विरुद्ध सरपंच कमलेश कुमार साहू जो है, सरकारी जमीन को डामर प्लांट लगाने के लिए दे दिया जहां पर डामर प्लांट लगा है वहां से लगा हुआ नरवा घुरवा योजना के तहत गौठान संचालित हो रहा है क्या यहां से निकलने वाली धुंवा गांव में फैलेगा आखिर सरकारी जमीन को लीज में देने की सरपंच को किसने दिया अनुमति ,क्या सरपंच सरकारी जमीन को देने सक्षम है सरपंच पर बड़ा सवाल उठ रहा।

पूरा मामला विधायक कुंवर सिंह निषाद एवं संसदीय सचिव के विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मुंडेरा का है
इस पूरे मामले को लेकर ग्राम पंचायत सरपंच कमलेश साहू से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि डामर प्लांट को स्थापित करने सरकारी जमीन पर पंचायत प्रस्ताव कर दे दिए हैं, जबकि इसकी जानकारी तहसीलदार एसडीएम को नहीं है अब देखना होगा कि राजस्व प्रशासन डामर प्लांट को हटाता है या मामले को अनदेखा करते है। दबी जुबान से गांव के लोग कहने लगे हैं कि सरपंच की मनमर्जी के चलते सरकारी जमीन को क्यों देना पड़ा सरपंच डामर प्लांट के संचालक के साथ सांठगांठ के चलते चारागाह जमीन को सरपंच ने लीज में दे दिया।
शासकीय जमीन पर डामर प्लांट लगने के मामले में जनपद अध्यक्ष सुचित्रा हेमंत साहू का कहना है यह ग्राम पंचायत का मामला है सरपंच ही बता पाएगा।
जिस जगह पर डामर प्लांट लगा है उस जगह पर लगभग 5 से 7 हरा भरा पेड़ बबूल का झाड़ भी उखाड़ कर फेंक दिया है। गौठान से लगा होने के कारण डामर प्लांट के निकलने वाले जहरीला धुआं से गाँववालो को भी प्रदूषण से परेशानी
बाईपास निर्माण 2 साल तक चलेगा, तब तक वह चरागाह जमीन आने वाला 5 साल तक उपयोग नहीं किया जा सकता चारागाह के लिए
मुंदेरा सरपंच पर सवाल :-चारागाह जमीन को सरकार ने सुरक्षित रखने कहा जा रहा है और सरपंच ग्राम पंचायत का प्रस्ताव लेकर किसी बाहरी कंपनी को लीज में दे दिया कलेक्टर का आदेश के बिना आखिर डामर प्लांट को जमीन सरपंच ने क्यों दिया ?
चारागाह जमीन मैं डामर प्लांट लगने के बाद सालों तक उस जमीन पर चारागाह का उपयोग नहीं कर सकते
पर्यावरण का खिलवाड़ कर डामर प्लांट लगाने हरा भरा बबूल का झाड़ को काटा दिया गया, जो अभी भी साइड में पड़ा है।
खलारी से मड़ियापार बाईपास निर्माण में लगे ठेकेदार आखिर मुंदेरा के चरागाह जमीन को ही क्यों सुनिश्चित किया गया डामर प्लांट लगाने के लिए खलारी व मड़ियापार में भी शासकीय जमीन है। पर वहां के सरपंच सरकारी जमीन नहीं दिया तो मुंदेरा के सरपंच को डामर प्लांट ठेकेदार ने मना लिया
पंचायत भवन डामर प्लांट से 500 मीटर दूरी में गौठान 500 मीटर दूरी एवं घना आबादी के बीच लगा रहे डामर प्लांट को धमतरी रोड से खलारी मार्ग पर डामर रोड से लगा हुआ लग रहा है प्लांट
इस पूरे मामले को लेकर गुंडरदेही तहसीलदार अश्वन कुमार पूसाम ने कहा शासकीय जमीन को किसी को देने से पहले कलेक्टर का अनुमति जरूरी है। कलेक्टर के बिना अनुमति के जमीन देना नियम के विरुद्ध है जांच करवाते हैं।
यह सरपंच कलेक्टर का आदेश का उल्लंघन किया है तो क्या इनके द्वारा लीज में दिया गया जमीन निरस्त हो सकता है ,क्या डामर प्लांट हटाया जा सकता है ? आखिर क्यों पर्यावरण बचाने एवं सरकार के जमीन को सुरक्षित रखने सरपंच ने जरा स भी ध्यान नहीं दिया निजी स्वार्थ के चलते बाहरी डामर प्लांट को सरकारी जमीन का आवंटन करना एक बडा सवाल खड़ा कर रहा खासकर चारागाह जमीन पर
विधायक ने जताया नाराजगी सरकार की योजना पर ध्यान दें ,सरपंच चारागाह जमीन रखे सुरक्षित
शासकीय जमीन पर डामर प्लांट लगाने के मामले में संसदीय सचिव कुंवर सिंह निषाद ने कहा मुझे तो नहीं मालूम है कौन से गांव में डामर प्लांट लगा है आपके द्वारा मालूम चल रहा है मैं पता कर बताता हूं चारागाह जमीन को सुरक्षित रखना उचित है।
CG24 aajtak news Balram Gupta 9893932904