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महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया के निर्देश पर जरूरतमंद बच्चों की त्वरित सहायता के लिए चाइल्ड हेल्प डेस्क की स्थापना

रायपुर cg24 आजतक न्यूज

 राज्य के जरूरतमंद बच्चों की त्वरित सहायता और परामर्श के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया के निर्देश पर चाइल्ड हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है। श्रीमती भेंड़िया ने राज्य स्तरीय और जिला स्तरीय के अधिकारियों की वर्चुअल बैठक लेकर कोरोना संक्रमण से बचाव और रोकथाम के लिए समय-समय पर निर्देशित किया है। फलस्वरूप बाल देख-रेख संस्थाओं में कार्यरत अधिकारियों-कर्मचारियों को कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए प्रशिक्षित किया गया है।
    विभागीय अधिकारियों ने बताया कि मंत्री श्रीमती भेंड़िया के निर्देशानुसार राज्य के जरूरतमंद बच्चों की त्वरित सहायता एवं परामर्श के लिए यूनिसेफ के सहयोग से चाईल्ड हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है। चाईल्ड हेल्पलाईन नम्बर 1800-572-3969 पर सुबह 8 बजे से रात्रि 11 बजे तक सहायता उपलब्ध होगी। कोविड-19 से प्रभावित मानसिक रूप से परेशान एवं जरूरतमंद बच्चों और उनके पालकों के लिए विषय विशेषज्ञों के माध्यम से परामर्श दिया जा रहा है। 
     चाईल्ड हेल्प डेस्क के साथ ही व्हाट्सअप नम्बर 93014-50180 और विशेष ई-मेल आईडी cgscpshelpline@gmail.com  पर सहायता प्रदान की जा रही है। चाईल्ड लाईन 1098 एवं महिला हेल्प लाईन 181 से भी सहायता दी जा रही है।  कोई भी जरूरतमंद बच्चा, पालक, रिश्तेदार, आम नागरिक चाइल्ड हेल्प लाईन 1800-575-3969, चाइल्ड लाईन 1098, महिला हेल्प लाइन 181 पर सम्पर्क कर जरूरतमंद बच्चों की सहायता कर सकते हैं। ऐसे बच्चे जिनके पालकों की मृत्यु काविड-19 के संक्रमण से हो चुकी है तथा ऐसे बच्चे जिनके पालक कोविड-19 से संक्रमित है, के बेहतर इलाज और उनके सम्पूर्ण आवश्यक देखरेख के लिए प्रत्येक जिले में बाल देखरेख संस्थाएँ-फिट फेसेलिटी चिन्हांकित की गई, जो बच्चों की देखभाल हेतु सुलभ है।
    अधिकारियों ने बताया कि बाल देखरेख संस्थाओं में कार्यरत पदाधिकारियों, स्टॉफ, परामर्शदाताओं को निमहान्स के संवाद कार्यक्रम के माध्यम से संवेदिकृत किया जा रहा है ताकि बच्चों की प्रभावी देखभाल की जा सके। राज्य में संचालित बाल देखरेख संस्थाओं में बच्चों को कोविड-19 के संक्रमण से बचाने हेतु समस्त प्रोटोकाल का पालन किया जा रहा है। सभी बाल देखरेख संस्थाओं में थर्मामीटर, ऑक्सीमीटर, मास्क, सेनेटाइजर आदि की सम्पूर्ण व्यवस्था की गई है। प्रत्येक अस्पताल में जिला बाल संरक्षण समिति के सदस्यों के संपर्क नम्बर और हेल्पलाईन की जानकारी दे दी गई है ताकि बच्चों को त्वरित सहायता उपलब्ध हो सके।

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