
Cg24 आजतक न्यूज़
बालोद// छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक प्रधान कार्यालय महादेव घाट सुंदर नगर रायपुर छत्तीसगढ़ के अंतर्गत समस्त दैनिक वेतन भोगी विगत 15 वर्षों से लगातार पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ बैंकिंग लोकपाल अधिनियम के तहत श्रम मंत्रालय के आदेश अनुसार एवं भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के समस्त नियमों का पालन करते हुए 650 दैनिक वेतन भोगी कार्य कर रहे हैं ।छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक प्रधान कार्यालय के द्वारा 2014 में (577) पोस्ट की भर्ती संदेशवाहक मैसेंजर पोस्ट के लिए निकाली गई थी…. पर अभी तक मैसेंजर के लिए दैनिक वेतन भोगियों का संविलियन नहीं किया गया है! श्रम मंत्रालय जारी परिपत्र के अनुसार हमें पारिश्रमिक भुगतान किया जाता है! छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक द्वारा जारी परिपत्र स्टाफ 7/2013 दिनांक 8/ 11 /2013 को जारी सर्कुलर के अनुसार अंशकालिक मजदूर के नाम से आवेदन फार्म समस्त शाखा में कार्यरत दैनिक वेतन भोगियों से लिया गया था। जिसमें के कैलेंडर वर्ष में 50 दिन का भुगतान और 4 घंटे काम करने का नियम प्रतिपादित किया गया है। परंतु शाखा प्रबंधक के द्वारा पूर्णत: 8 घंटे काम कराया जाता है और 4 घंटे का भुगतान किया जाता है; और साथ ही एक नाम से भुगतान नहीं होता नाम बदलकर दैनिक वेतन भोगी भाइयों का भुगतान नगदी किया जाता है खाते में ट्रांसफर नहीं किया जाता , इसमें भी एकरूपता नहीं है।
किसी शाखा में 26 दिन का भुगतान तो किसी शाखा में कार्य दिवस के आधार पर भुगतान किया जाता है कुल मिलाकर दैनिक वेतन भोगियों का आर्थिक मानसिक और शारीरिक शोषण किया जा रहा है। नोटबंदी के दौरान भी बड़ी निष्ठा और ईमानदारी से दैनिक वेतन भोगियों ने काम किया और कोरोना काल महामारी के दौरान 2020 से लेकर अब तक कोविड कमांडर के रूप में हमसे बैंक प्रबंधन द्वारा काम लिया जा रहा है जो कि अति संवेदनशील है।
इस बीच अगर किसी भी दैनिक वेतन भोगी को अगर कुछ भी होता है तो बैंक के द्वारा ना कोई बीमा की व्यवस्था है और ना ही दैनिक वेतन भोगी भाइयों के मरने के पश्चात अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान है और ना ही बैंक के द्वारा आर्थिक सहायता राशि का कोई नियम प्रतिपादित किया गया है , इस बीच छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक कार्य करने वाले दैनिक वेतन भोगी भाइयों में पांच दैनिक वेतन भोगी भाई स्वर्गवास हो चुके हैं। शौचालय की साफ-सफाई से लेकर के बैंक के ऑफिस कार्य पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ काम किया जाता है परंतु बैंक प्रबंधन से हमें किसी भी प्रकार से कोई भी सुविधा नहीं मिल रही है। वर्तमान में प्रधान कार्यालय के द्वारा 4 प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से दमनपुर्वक फॉर्म भरवाया जा रहा हैं। जिससे हम सभी 650 परिवारों का हक मारा जा रहा हैं।
समस्त दैनिक वेतन भोगी छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक द्वारा आग्रह किया जा रहा है।
कि राज्य सरकार से हमारी सहायता और मदद करने की आशा से संसदीय सचिव कुँवर सिंह निषाद को विज्ञप्ति के माध्यम से प्लेसमेंट एजेंसी पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाया जाए और समस्त दैनिक वेतन भोगी जो 15,20 साल से 650 दैनिक मजदूर काम कर रहे हैं 2014 में निकाली गई 577पोस्ट सर्कुलर के अनुसार संदेशवाहक के रूप में पूर्ण नियमितीकरण करवाने की मांग किया गया है।
रिपोर्ट-अरुण उपाध्याय
मो-9425572406
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