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पारी बहार ( आउट ऑफ़ टर्न ) पदोन्नति हेतु प्रस्ताव पर छ, ग, वन कर्मचारी संघ एवं रेंजर्स एसोसियेशन ने आपत्ति दर्ज की

cg24 आजतक न्यूज

छ. ग. वन विभाग में पारी बहार पदोन्नति के प्रस्ताव पर चर्चा हेतु अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक रायपुर द्वारा छ. ग. वन कर्मचारी संघ रायपुर प्रांताध्यक्ष मूलचंद शर्मा एवं रेंजर एसोसियेशन के अध्यक्ष दुबे के साथ बैठक आहूत दिनाक 08/ 06 / 2021 को रायपुर आरण्य भवन में आयोजित कर अमिमत चाहा गया जिसमे प्रांताध्यक्ष मूलचंद शर्मा ने लिखित में प्रतिवेदन दिया की छ. ग. राज्य के अस्तित्व में आने के बाद वन विभाग में पारी बहार पदोन्नति का प्रावधान लागू किया गया जिसका लाभ अनेकों अधिकारी कर्मचारियों द्वारा लिया गया परन्तु इस प्रावधान के तहत कई कर्मचारियों ने अधिकारियों नियम का गलत उपयोग करते हुए भर्ती दस्तावेज मनगदंत घटना एवं अपनी पहुंच से उक्त नियम में पात्र न होते हुए भी पारी बहार पदोन्नति का लाभ लिया गया है उक्त नियम के प्रावधान में रहने से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है तथा विभागीय अधिकारी कर्मचारियों की वरीयता वरिष्ठता प्रभावित होती है तथा वरिष्ठ अनुभवी कर्मचारियों को पूरी सेवा अवधि के दौरान अत्यधिक रूप से मानसिक आर्थिक रूप से प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है छ. ग. वन कर्मचारी संघ के विरोध प्रदर्शन के पश्चात छ. ग. शासन वन विभाग मंत्रालय के अ क्र./ एक – 1- 18/ 2007/10-1 दिनांक 12/06/2009 द्वारा पारी बहार पदोन्नति के प्रावधान को समाप्त करने का निर्णय लिया है । प्रांताध्यक्ष मूलचंद शर्मा ने अपने पत्र में लेख किया है कि पारी बहार पदोन्नति के नियम को दुबारा अस्तित्व में लाये जाने का कड़ा विरोध करता है रेंजर एसोसियेशन अध्यक्ष दुबे ने भी छ. ग. वन कर्मचारी संघ के द्वारा दिए गए तर्क से सहमति व्यक्त कर विरोध प्रगट किया है ।

बैठक में प्रमुख रूप से अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री मती अनीता नंदी छ. ग. वन कर्मचारी संघ प्रांताध्यक्ष मूलचंद शर्मा कार्यवाहक प्रांताध्यक्ष संतराम यादव , सचिव सामंत राय , कोषाध्यक्ष मुकेश दुबे , विनोद मिश्रा, संभाग अध्यक्ष दुर्ग अजित दुबे जिलाध्यक्ष श्री हीरा सिह प्रवक्ता छ. ग. वन कर्मचारी संघ रेंजर एसोसियेशन अध्यक्ष व्ही. एन. दुबे एवं महासचिव राजेश नांदुलकर प्रमुख रूप से उपस्थित थे ।

प्रांताध्यक्ष मूलचंद शर्मा ने कहा कि दृढ़ता पूर्वक जान को जोखिम में रख कर कार्य करने वाले कर्मचारियों / अधिकारियों के पूरी सदभावना है आवश्यकतानुसार उन्हें राज्यपाल पुरस्कार राष्ट्रपति पुरस्कार आर्थिक रूप से नगद प्रोत्साहन से नवाजने कि वकालत की पारी बहार पदोन्नति की समीक्षा सही नहीं हो पाती जिससे इसका दुरुपयोग होगा ।

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