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10 जुलाई 2021 को संपूर्ण भारत में नेशनल लोक अदालत आयोजित किया जा रहा,तहसील स्थित व्यवहार न्यायालय गुण्डरदेही, दल्ली राजहरा एवं डौंडीलोहारा में भी नेशनल लोक अदालत आयोजित होना है

cg24आजतक न्यूज

बालोद. राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशानुसार एवम् छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के मार्गदर्शन में दिनांक 10 जुलाई 2021 को संपूर्ण भारत में नेशनल लोक अदालत आयोजित किया जा रहा है। उक्त के परिप्रेक्ष्य में श्री के.विनोद. कुजूर, जिला एवम सत्र न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद के मार्गदर्शन में दिनांक 10 जूलाई 2021 को जिला न्यायालय बालोद एवं तहसील स्थित व्यवहार न्यायालय गुण्डरदेही, दल्ली राजहरा एवं डौंडीलोहारा में भी नेशनल लोक अदालत आयोजित होना है।
इस संबंध में अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा यह बताया गया है कि दिनांक 10 जुलाई 2021 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में ऐसे दांडीक प्रकरण जो राजीनामा योग्य हैं परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के अंतर्गत आने वाले चेक बाउंस के मामले मोटर दुर्घटना से संबंधित मामले समस्त प्रकार के पारिवारिक एवं वैवाहिक मामले भूमि अधिग्रहण एवं राजस्व संबंधी मामले जो माननीय उच्च न्यायालय जिला न्यायालय तहसील न्यायालय में लंबित हो समस्त प्रकार की दीवानी मामलों का निराकरण किया जाएगा इसके अतिरिक्त बैंक संबंधी वसूली बिजली बिल दूरसंचार टेलीफोन बिल जलकर किराया से संबंधी मामलों का निराकरण उक्त तिथि को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में किया जाएगा।
इस संबंध में अध्यक्ष , जिला विधिक सेवा प्राधिकरण वालोद के द्वारा मिडिया के माध्यम से आम नागरिकों को यह आहवान किया गया कि , यदि उनका कोई मामला जिला न्यायालय बालोद , तहसील न्यायालय गुण्डरदेही , दल्लीराजहरा व डौण्डीलोहारा में लंबित हो तो संबंधित न्यायालय में उपस्थित रह कर दिनांक 10.07.2021 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में प्रकरण का निराकरण किया जा सकता है ।
संतोष ठाकुर , मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं प्रभारी सचिव , जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद के द्वारा यह जानकारी दी गई कि , न्याय व्यवस्था में विवादों में किये गये निर्णय से मामलों का एक पक्ष संतुष्ट होता है दूसरा पक्ष असंतुष्ट होता है । इस प्रकार की न्याय व्यवस्था से एक ऐसा न्याय साकार नहीं हो पाता है , जिसमें दोनों पक्ष संतुष्ट हो । विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 में एक ऐसी न्याय व्यवस्था की परिकल्पना साकार की गई है , जिसमें विवादों से संबंधित दोना पक्षकार संतोषप्रद न्याय प्राप्त कर सकें । उपरोक्त अधिनियम के अंतर्गत गठित लोक अदालत एक ऐसी अदालत है , जहां मामले के दोनों पक्षकार न्यायालय से समान रूप से वापस जाते हैं ।
विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 के अंतर्गत लोक अदालतों के आयोजन का प्रावधान किया गया है । लोक अदालत में दोनों पक्षों के मध्य सुलह एवं राजीनामा के आधार पर मामलों का निराकरण किया जाता है । ऐसे मामलों के निराकरण की कार्यवाही में लोक अदालत को सिविल न्यायालय की शक्तियां होती है । लोक अदालत में किये गये निर्णयों की अपील नहीं होती एवं न्याय शुल्क की छूट प्रदान की जाती है । पूर्व से न्याय शुल्क यदि दिया गया है , तो प्रकरण के लोक अदालत में निराकरण होने से पक्षकार को न्याय शुल्क वापस कर दिया जाता है । वाद पूर्व प्रकरण / प्री – लिटिगेशन मामलों को न्याय शुल्क से छूट प्रदान की गई है । सबसे बड़ी विशेषता यह होती है कि लोक अदालत में किसी पक्षकार की हार नहीं होती है ।
विधिक सेवा प्राधिकरण का कार्य : – समाज के कमजोर वर्गो को , यह सुनिश्चित करने के लिए कि आर्थिक या अन्य निर्योग्यता के कारण कोई नागरिक न्याय प्राप्त कर पाने के अवसर से वंचित न रह जाए . निःशुल्क और सक्षम विधिक सेवा उपलब्ध कराने के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण का गठन किया गया है और यह सुनिश्चित करने के लिए कि विधिक प्रणाली का प्रवर्तन समान अवसर के आधार पर न्याय का संवर्धन करने हेतु विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा लोक अदालत का आयोजन करना , न्यायालय में मामला प्रस्तुत करने के लिए तथा मामलों के पैरवी हेतु निःशुल्क अधिवक्ता नियुक्त करना , ऐसे व्यक्ति जो कि अनु ० जाति एवं अनु 0 जनजाति का सदस्य हो , ऐसे व्यक्ति जो मानव दुर्व्यवहारों या बेगारों से सताया गया हो , महिला एवं बालक मानसिक रूप से अस्वस्थ हो , जाति हिंसा , अत्याचार , बाढ़ , सूखा , औद्योगिक कर्मकार , अभिरक्षा में निरूद्ध व्यक्तियों तथा ऐसे समस्त व्यक्तियों जिनकी वार्षिक आय एक लाख पचास हजार रूपये से अधिक ना हो को विधिक सहायता उपलब्ध कराया जाता है तथा आम नागरिकों को विधि कि जागरूकता शिविर के माध्यम से कानूनी जानकारी दी जाती है ।
” इस तरह लोक अदालत का सार खुशी की जीत , गम की हार , गरीबी बाधा नही है न्याय के लिए , जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद है आपके लिए । “
अधिक जानकारी के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय अथवा नालसा के टोल फ्री नम्बर 15100 एवं सालसा का टोल फ्री नम्बर 18002332528 से संपर्क किया जा सकता है ।

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