
बालोद :– कोरोना संकमण की शुरूवात से ही प्रदेश के अशासकीय विद्यालय गंभीर संकट में है । इस पूरे दौर में लगभग पांच से सात सौ स्कूल प्रदेश में बंद हो चुके हैं, जिसके कारण प्रदेश के लगभग 2.00 लाख विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित हुई है । ऐसे समय में छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कुल एसोशियेसन के आहवान पर बालोद जिला निजी विद्यालय सगठन आपसे सविनय निवेदन करता है कि – प्रदेश सरकार की प्रभावी नीतियों के कारण कोरोना का संकमण प्रदेश में अब काफी कम हो चुका है तथा प्रदेश में लगभग सभी जगह अनलाक हो चुका है । अतः:
1 जुलाई 2021 से समी विद्यालय आफलाइन प्रारम करने हेतु विभाग को निर्देशित करें |
- विगत सत्र 2020-21 में परिस्थितिया विपरीत होते हुए भी शिक्षा को रूकनें नहीं दिया गया, इस सब के बावजूद मात्र 35-40% पालकों द्वास शिक्षण शुल्क जमा की गई । शेष पालक जिन्होंने
- शिक्षण शुल्क नहीं जमा किया है स्कुल शिक्षा विभाग / प्रशासन उनसे शुल्क जमा करने एक निवेदन पत्र जारी करे |
प्रदेश सरकार की प्रमावी नीतियों के कारण कोरोना का संकमण प्रदेश में अब काफी कम हो चुका है. तथा प्रदेश में लगभग समी जगह अनलाक हो चुका है । अत: 01 जुलाई 2021 से सभी विद्यालय आफलाइन प्रारम करने हेतु विभाग को निर्देशित करें |
विगत सत्र 2020-21 में परिस्थितिया विपरीत होते हुए भी शिक्षा को रूकनें नहीं दिया गया, इस सब के बावजूद मात्र 35-40% पालकों द्वारा शिक्षण शुल्क जमा की गई । शेष पालक जिन्होंने शिक्षण शुल्क नहीं जमा किया है स्कूल शिक्षा विभाग / प्रशासन उनसे शुल्क जमा करने एक निवेदन पत्र जारी करे |
सत्र 2020-21 की (17: की प्रतिपूर्ति राशि अशासकीय स्कूलों को अतिशीघ्र जारी की जाये ।45 महिनों से स्कूल बसों का सचालन बंद है जब तक स्कूल बस प्रारंभ ना हो जाए तब तक सभी स्कूल बसों का रोड टैक्स माफ किया जाये तथा बसों की पात्रता अवधि भी 12 वर्षों से अगले 02 वर्ष आगे बढाया जाये ।
वबष जाग बढ़ाया जाय |
5, वर्तमान में स्कूल बसों का संचालन बंद है ऐसे में किश्त पटानें बैंक एवं अन्य फाइनेंस कंपनियां लगातार दबाव बना रही है, स्कूल बसों की जब्त भी किया जा रहा है, संगठन आपसे निवेदन करता है कि परिस्थितिया जब तक अनुकुल न हो जाये स्कूल बसो की किश्त स्कुल खुलते तक स्थगित रखी जाए ।
6. गत वर्ष शिक्षा विमाग के आदेश के बहुत से निजी स्कूलों के विद्यार्थियों ने बगैर टीसी के शासकीय विद्यालयों में प्रवेश लिया है. ऐसे बहुत से विधार्थियो का भुगतान करे | या राज्य सरकार इस शुल्क का भुगतान करें।
कोविड काल मे बन्द हो चुके निजी विद्यालय में rti अंतर्गत पढ़ रहे बच्चों को अन्य निजी विद्यालय में प्रवेश दिलाया जाए ।. गंभीर आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहे निजी विद्यालयों का पिछले 15 माह का बिजली बिल माफ किया जाये एवं आगे जब तक विद्यालय ठीक से प्रारभ नहीं होता तब तक बिजली बिल नहीं लिया जाये ;
- निजी विद्यालयों को वापस पटरी में लाने के लिए बगैर ब्याज का ऋण उपलब्ध कराया जाये अथवा सरकार द्वाय सभी निजी विद्यालयो को 05 लाख तक का तवर्थ अनुदान प्रदान किया जाये
अतः आपसे अनुरोध है कि हमारी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर त्वरित निर्णय लेते हुए आवश्यक कार्यवाही करने की कृपा करे |
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