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गुंडरदेही ब्लाक में घास जमीन के लकड़ी को आधुनिक आरा मशीन से काटकर जेसीबी से लोडिंग कराकर मेटाडोर से दूसरे जिला में कर रहे परिवहन

सरकार पर्यावरण को बढ़ावा देने वृक्षारोपण करा रहे ताकि हरियाली बनी रही वही ग्रामीण क्षेत्रो में धड़ल्ले से पेड़ो की कटाई ऐसे ही जारी मीडियावाले को कहा कि आपका काम छापना आप समाचार छापो

गुंडरदेही cg24आजतक

गुंडरदेही cg 24 आजतक न्यूज़ रिपोर्टर परस साहू, गुंडरदेही ब्लॉक के ग्राम खपरी में राजस्व बिना अनुमति के धड़ल्ले से बबूल पेड़ की कटिंग किया जा रहा है,कुछ राहगीरों ने बताया कि ग्राम पंचायत को इस मामले से कोई लेना देना नहीं है आखिर ग्राम में व्यवस्था बनाने पर्यावरण सहित राजस्व के नुकसान करने वाले पर कड़ी कार्यवाही नहीं होने से अधिकांश ग्राम पंचायत में सरपंच सचिव को दबाकर ग्राम के कुछ प्रमुख के चलते राजस्व का हो रहा नुकसान ,वही ट्रैक्टर चालक ने कहा इस लकड़ी कटिंग की जानकारी गांव वालों को है और शासन प्रशासन एवं अन्य जिम्मेदार लोगों को जानकारी देकर या पेड़ का कटिंग कराया जा रहा है। आप लोगों का काम छापने का है तो छाप सकते हो।

पूरा मामला गुंडरदेही ब्लॉक मुख्यालय से 14 किलोमीटर दूर ग्राम खपरी में शासकीय जमीन से अवैध रूप से लगभग 30 से 35 हरा भरा बबूल का पेड़ बिना राजस्व अनुमति का काट दिया गया है मामला यह है कुछ प्रत्यक्षकार्यों के अनुसार उस जगह पर वृक्षारोपण करने की बात कर रहे हैं वही बिना अनुमति के लकड़ी काटने के बाद आधुनिक तरीके से छोटा जेसीबी के माध्यम से मेटाडोर में लोड कर त्रिपाल ढक कर ले जाते हैं गुंडरदेही क्षेत्र में 3 गांव के अलावा बहुत से ऐसे गांव हैं जहां पर घास जमीन का लकड़ी काटना एकदम आम बात हो गया है।

इस पूरे मामले को लेकर ग्राम पंचायत के सचिव तुकाराम साहू से संपर्क करने पर उन्होंने कहा लकड़ी काटने का जानकारी मिला है पर कितना पेड़ काट रहे या मुझे नहीं मालूम यह लकड़ी ग्रामीणों के द्वार कटवाता होगा पंचायत को कोई लेना देना नहीं है। पंचायत सचिव तुकाराम साहू के जवाब से ऐसा लगता है कि राज्य सरकार राजस्व की ओर से शासन प्रशासन में काम करने वाले जिम्मेदार कर्मचारियों को शासन की संपत्ति को सुरक्षा से रखने किसी प्रकार की जिम्मेदार नहीं दिख रहा है। आखिर ग्रामीण क्षेत्र में घास जमीन की लकड़ी ग्राम के कुछ प्रमुख लोगों के द्वारा बिना अनुमति के क्यों काटा जाता है आखिर यह तो गांव की व्यवस्था है पर गांव की व्यवस्था के कातिर राजस्व नुकसान की भरपाई कौन करेगा। लकड़ी कोचिया व माफिया तत्काल अपना दोनों वाहन लेकर भाग गए।

इस पूरे मामले को लेकर तहसीलदार अश्वन कुमार पूशाम ने कहा अभी तो कोई गांव से लकड़ी का अनुमति नहीं लिया है अगर लकड़ी कटिंग किया होगा तो जांच करवाएंगे

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