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हर्षोल्लास से मनाया गया तीजा-पोरा व नार-बोद लोक पारंपरिक पर्व

बच्चे सहित बुज़ुर्ग, जवान और महिलाओ का पारंपरिक खेल के प्रति उमंग ने सबको रिझाया

रेंगाडबरी :- पोरा पर्व के अवसर पर पारंपरिक खेलो
मे बच्चो के साथ साथ बडे बुज़ुर्ग व महिलाओ ने बढचढकर हिस्सा लिये और पारंपरिक खेलो का आनंद लिये। पोरा पर्व किसानो का पारंपरिक पर्व है। जिसमे फसल की अच्छी पैदावार की कामना के साथ प्रतिवर्ष की भांति मध्य रात्रि मे फसलो मे गरब की नेंग ग्राम बैगा, सिरहा, पटेल, गणमान्य नागरिको द्वारा सेवा अर्जी की जाती है और समस्त किसानो की फसल पैदावार अच्छी होने क कामना किया जाता है। पारंपरिक संस्कृति को नवपीढी मे हस्तांतरण करने खेल उमंग से पर्व को मनाया जाता है। बैल नांगर व गाडा से बालको का लगाव बढाना, पोरा जांता से बालिकाओ को जोडना। फसल(कृषि) और पशुधन के प्रति लोगो को जोडना। गली,पारा,मोहल्ला मे पारंपरिक खेल जैसे गेडी दौड, फुगडी खेल, जलेबी(छत्तीसगढी व्यंजन) दौड, सुआ कर्मा ददरिया गीत, रस्सा खिंचाई, कबड्डी खेल की उमंग हर्षोल्लास भाईचारा से पर्व को मनाया जाना बुजुर्गो का मान्यता है। बुजुर्गो की पारंपरिक मान्यता आधार पर पोरा पर्व पारंपरिक संस्कृति और पारंपरिक खेल से उमंग व हर्षोल्लास से मनाया गया।
इस पारंपरिक खेल आयोजन के अवसर पर ग्राम के गणमान्य नागरिक श्री रघुनाथ निषाद, श्री बलिहार निषाद, श्री सोनी, श्री बिसेसर आर्य, थानसिंग रावटे, मदन माहला, उबलाल रावटे, लोकेश रावटे, सुखदेव पटेल, अश्वनी फलेन्द्र, समारू ताराम,अखिलेश सिन्हा, मनहरन, अंकालू, एवं अन्य खेल प्रेमी ग्रामवासी उपस्थित रहे।

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