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छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की हुई बैठक, जब तक सरकार मांगो पर कोई निर्णय नहीं लेती तब तक हड़ताल जारी रखी जाये

रायपुर : आज दिनांक 01 सितंबर 2022 को छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की बैठक प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा द्वारा आहूत की गई, जिसमे प्रदेश के जिला संयोजक, समस्त सम्बद्ध संगठन के प्रांताध्यक्ष एवं फेडरेशन के पदाधिकारियों की उपस्थिति में बैठक सम्पन्न हुई । जिसमें जिला के समस्त संयोजक एवं प्रांताध्यक्ष की राय ली गयी, जिसमे अधिकांश संगठनों के प्रतिनिधियो की राय थी की जो सरकार मंहगाई के खिलाफ राजधानी में जाकर प्रदर्शन करने वाली है उस सरकार को कर्मचारियों के मंहगाई भत्ते की माँग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करना चाहिए ।जब तक सरकार इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लेती तब तक हड़ताल जारी रखी जाये ।बैठक में संयोजक कमल वर्मा को अधिकृत किया गया की वे तत्काल कोर कमेटी की बैठक कर हड़ताल के संबंध में निर्णय लें ।
फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने अपने संबोधन में बताया कि दो सूत्रीय मांग ( केन्द्र के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता एवं सातवे वेतनमान के अनुसार गृह भाड़ा भत्ता) देने के संबंध में फेडरेशन ने अपना पक्ष रखा है, जिसमे प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री रविन्द्र चौबे द्वारा मध्यस्थता की जा रही है। मंत्री चौबे ने आस्वस्त किया कि मुख्य सचिव से फेडरेशन के सुझाव अनुसार चर्चा हो चुकी है। मुख्यमंत्री से भी इस सम्बंध में चर्चा हुई है। जिसमे सार्थक निर्णय लिया जावेगा साथ ही मंत्री ने कहा कि फेडरेशन जनता की तकलीफ़ों को देखते हुए फ़िलहाल अपनी ज़िद छोड़कर हड़ताल वापस ले । उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा की गई अपील का भी हवाला दिया ।
फेडरेशन की बैठक में बताया गया की शासन कर्मचारियों का एक वर्ष का एरिर्यस जी पी एफ खाते में डालते हुए आहरण पर कुछ वर्षों के लिए प्रतिबंध लगा सकता है किन्तु महंगाई भत्ते की शेष किश्त दीपावली तक दे दे । गृह भाड़ा भत्ते के लिए समिति बनाकर निर्णय ले । कर्मचारियों की बैठक के बाद कल 2 सितंबर को फ़ेडरेशन की आहूत की गई है जिसमें आगे की रणनीति तय की जायेगी ।

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