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खरखरा जलाशय” में पर्यटन की असीम संभावनाएं पर जिला प्रशासन व जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से हो रहा खंडहर 

विश्राम भवन लेकिन देखरेख के अभाव में खंडहर बन रहा

डौंडीलोहारा :- नगर से कुछ ही दूरी पर स्थित खरखरा जलाशय में पर्यटन की अपार संभावना लेकिन स्थानीय जिम्मेदार नेताओं की पहल न करने से आमजनता को नही मिल पाया सुविधा जबकि सैकड़ो की संख्या में लोग प्रतिदिन यहां घूमने आते है। खस्ताहाल कच्ची जर्जर सड़क, बदहाल व्यवस्था व विश्राम भवन के गेट पर लटका ताला पर्यटक बन घूमने आने वाले लोगो को निराश कर रहा है। जबकि डौंडीलोहारा ब्लाक के सबसे बड़े बांध के पास स्थित इस स्थल को कुछ नवनिर्माण करके सजाया संवारा जा सकता है। लेकिन इतने सुंदर पिकनिक स्पॉट को नजरअंदाज करके जिला प्रशासन व जल संसाधन विभाग के जिम्मेदारों ने इस स्थान को खंडहर में तब्दील होने छोड़ दिया है। जबकि यहां पर्यटन की अपार संभावना है। 

बदहाल व उजड़ा गार्डन

डौंडीलोहारा विधानसभा क्षेत्र के दल्ली राजहरा,महामाया क्षेत्र में लौह अयस्क खदानों के कच्चे माल से भिलाई स्टील प्लांट को वर्षो से कच्चा माल सप्लाई किया जा रहा वही डौंडीलोहारा ब्लाक के एक बड़े भूभाग में बने खरखरा जलाशय से इसी प्लांट को पानी सप्लाई किया जा रहा है। पर गौर करने की बात यह है कि यहां की खदानों व पानी का भरपूर उपयोग बीएसपी कर रहा व जिस भूमि से सेल प्रबन्धन को फायदा हो रहा वही स्थानीय आमजनता को किसानों को दल्लीराजहरा व डौंडीलोहारा के आज पर्यंत तक किसी भी प्रकार का समुचित लाभ नही मिल पाया आज भी खदान क्षेत्र के निवासरत मजदूर,किसान के साथ नगर के व्यापारी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे है। वही डौंडीलोहारा क्षेत्र के किसान खरखरा बांध की पानी को अपने खेतों तक लाने की मांग करते थक गए लेकिन इन किसानों को पानी उपलब्ध नही हो पाया । दल्ली राजहरा नगर व डौंडी क्षेत्र के आसपास के किसान जहां लाल पानी मिट्टी की समस्या से परेशान है। वही डौंडीलोहारा नगर सहित आसपास के किसान पास में उपलब्ध खरखरा बांध से पानी मिलने की उम्मीद से हारे ठगे हुए है। यह दुर्भाग्य ही कहा जायेगा कि इस बांध से 70 किलोमीटर दूर तक बीएसपी के अलावा भिलाई व दुर्ग को पानी सप्लाई किया जा रहा लेकिन स्थानीय किसानों को पानी उपलब्ध कराने की कोई योजना नही बनी भिलाई स्टील प्लांट को पानी आपूर्ति करने बने इस बांध के निर्माण के बाद क्षेत्र के किसानों को यह उम्मीद था कि डौंडीलोहारा के आसपास के क्षेत्र में भी पानी सिंचाई की सुविधा मिलेगा लेकिन कुछ क्षेत्रों को मिल रही सुविधा के बाद बहुत बड़ा कृषि क्षेत्र अभी भी वंचित है। व बांध में बड़े जलभराव की क्षमता को देखते हुए अन्य दूसरे शहरों को पानी आपूर्ति किया जा रहा है। 

खस्ताहाल सड़क खरखरा जाने का जगह जगह उखड़ी गिट्टी

खरखरा बांध के निर्माण के साथ साथ 1964 मे बांध से लगे स्थान में रेस्ट हाउस विश्राम भवन का निर्माण भी किया गया वही बांध निर्माण के साथ साथ वहां पर कई आवासीय भवनों का निर्माण भी हुआ था जहा विभागीय अधिकारियों का निवास स्थान था खूबसूरत स्थल वनों व पहाड़ो से भरा यह स्थान जिस पर बांध का निर्माण किया गया साथ साथ कुछ अन्य निर्माण भी हुए लेकिन बीतते समय के साथ जल संसाधन विभाग की उदासीनता के चलते पर्यावरण की दृष्टि से बढ़ रहे इस स्थान को खंडहर में तब्दील होते आमजन देख रहे है।बस बांध से पानी आपूर्ति अनवरत जारी है। बावजूद इस उजड़ते सुंदर स्थान को न बीएसपी प्रबंधन न ही जल संसाधन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी और तो और स्थानीय सांसद हो विधायक हो या वर्तमान में मंत्री किसी ने भी इसके विकास के लिए आगे कदम नही बढ़ाया वही योजनाएं बनी तो सिर्फ व सिर्फ यहां के जल को दूसरे क्षेत्रों में आसानी से कैसे पहुचाया जा सके । 

प्राकृतिक जलप्रपात को तोड़कर करोड़ो की लागत से सीमेंट का पहाड़ बना दिया गया वाटरफॉल की जगह पर

पर्यटन को बढ़ावा देने जनप्रतिनिधियों ने नही की पहल :- डौंडीलोहारा मुख्य मार्ग के संबलपुर ग्राम से 8 किलोमीटर की दूरी पर बने इस बांध को देखने दूर दूर से लोग आते है। व परिवार सहित यहां समय बिताते है। सैर सपाटा करते है। भिलाई,रायपुर,दुर्ग,राजनांदगांव,बालोद,दल्ली राजहरा,धमतरी सहित अन्य शहरों से भी पर्यटक यहां घूमने आते है। लेकिन सुविधा के अभाव में उनको निराशा ही हाथ लगता है। विश्राम भवन खंडहर में तब्दील हो रहा वही सामने बनाये गए गार्डन भी तहस नहस हो गए है। देखरेख के अभाव में 

खनिज न्यास मद से खरखरा बांध में पर्यटन को बढ़ावा देने व सुविधा उपलब्ध कराने से आमजन को पर्यटन की सुविधा मिल सकता है। वही राजस्व का भी लाभ होगा वैसे भी खरखरा जलाशय से भिलाई स्टील प्लांट को पानी आपूर्ति हो रहा है। डौंडीलोहारा क्षेत्र में खनिज न्यास मद से कई ऐसे कार्य कराए जा रहे है। जिसका वर्तमान में सही फायदा नही मिल रहा वही इस स्थल में हजारों लोगों को सैर सपाटे के लिए सुंदर,वनों से भरे हरियाली भरा माहौल मिलेगा।जिला प्रशासन इस उजड़ते सुंदर स्थल को विकसित करने की योजना बनाकर जरूरी सुविधा दे सकता है। 

हरियाली से भरा बेहतरीन नजारा

निर्माण व क्षमता :- वर्ष 1964-66 अविभाजित मध्यप्रदेश शासनकाल मे बने डौंडीलोहारा विकासखण्ड के खरखरा बांध जिसका जलग्रह  क्षेत्र 371.66 वर्ग किलोमीटर लम्बाई 1440 मीटर 105 ग्रामो को जल से लाभान्वित करने वाली व 6 नहरों को जल प्रदाय करने वाली इस बड़े जल परियोजना से भिलाई स्टील प्लांट को पानी सप्लाई होता है। साथ ही साथ भिलाई व दुर्ग नगर निगम के बड़े क्षेत्रो में भी पेयजल हेतु इसका उपयोग किया जा रहा है। वही कई तालाबो में निस्तार हेतु पानी भी दिया जा रहा है। 

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