
कांकेर | CG 24 आजतक
नक्सलवाद के गढ़ माने जाने वाले बस्तर इलाके से एक चौंकाने वाली और सकारात्मक खबर सामने आई है। कांकेर जिले में 12 नक्सलियों ने मुख्यधारा की ओर कदम बढ़ाते हुए नसबंदी ऑपरेशन की प्रक्रिया को अपनाया है, जो क्षेत्र में बदलती सोच और हालात की बड़ी मिसाल माना जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा बलों के लगातार दबाव और शासन की पुनर्वास नीतियों के चलते कई नक्सली अब जंगल छोड़कर सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं। इसी क्रम में कांकेर क्षेत्र के 12 नक्सलियों ने परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत नसबंदी (स्टरलाइजेशन) कराई है।
सोच में बदलाव का संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम सिर्फ स्वास्थ्य या योजना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नक्सलियों की मानसिकता में आए बदलाव को दर्शाता है। पहले जहां नक्सली संगठन परिवार और सामाजिक व्यवस्था से दूर रहते थे, वहीं अब वे सामान्य जीवन जीने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
प्रशासन और सुरक्षा बलों की रणनीति सफल
राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा चलाई जा रही पुनर्वास नीति, आत्मसमर्पण योजना और जनकल्याणकारी योजनाओं का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि यह बदलाव बस्तर में शांति और विकास की दिशा में बड़ा संकेत है।
📢 आगे भी जारी रहेगा अभियान
प्रशासन ने बताया कि जो भी नक्सली मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उन्हें हर संभव मदद दी जाएगी। साथ ही परिवार नियोजन और स्वास्थ्य सेवाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
👉 बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्र से इस तरह की खबरें यह संकेत देती हैं कि अब बंदूक की जगह विकास और सामाजिक जीवन की ओर रुझान बढ़ रहा है।
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