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छात्रावास की 106 बेटियों को मिला खुशियों का उपहार, जनपद सभापति मंजू संजय बैस ने भेंट किए नए कपड़े

दीपावली पर कुसुमकसा छात्रावास की 106 बेटियों को मिला खुशियों का उपहार, जनपद सभापति मंजू संजय बैस ने भेंट किए नए कपड़े

जनपद सभापति मंजू बैस की पहल से बेटियों के चेहरों पर खिली मुस्कान, अधीक्षिका कामिनी पटेल के सेवाभाव और छात्रावास के आत्मीय वातावरण की हुई सराहना

कुसुमकसा। दीपावली का पर्व केवल दीप जलाने और खुशियां मनाने का ही नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के जीवन में खुशियों का उजाला फैलाने का भी पर्व है। इसी भावना को साकार करते हुए ग्राम कुसुमकसा स्थित कन्या आदिवासी छात्रावास में दीपावली के पावन अवसर पर एक सराहनीय पहल की गई। जनपद पंचायत डौंडी की महिला एवं बाल विकास विभाग की सभापति श्रीमती मंजू संजय बैस ने छात्रावास में निवासरत 106 छात्राओं को दीपावली के उपहार स्वरूप नए कपड़े भेंट किए। नए कपड़े पाकर छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे और छात्रावास परिसर में उत्साह एवं उमंग का माहौल देखने को मिला।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद सभापति श्रीमती मंजू संजय बैस उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत कुसुमकसा की सरपंच श्रीमती वेद बाई पिस्दा विशेष रूप से मौजूद रहीं। साथ ही छात्रावास एवं विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, शाला प्रबंधन समिति के सदस्य तथा अन्य गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।

मंजू संजय बैस ने 106 बेटियों को भेंट किए दीपावली के उपहार

दीपावली के अवसर पर छात्रावास की सभी 106 छात्राओं को नए कपड़े भेंट कर जनपद सभापति मंजू संजय बैस ने उनके साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं। उपहार पाकर छात्राओं के चेहरों पर आई मुस्कान ने कार्यक्रम को भावनात्मक और यादगार बना दिया।

इस अवसर पर मंजू संजय बैस ने कहा कि दीपावली खुशियों, प्रेम और आपसी सद्भाव का पर्व है। त्योहार की सार्थकता तभी है, जब हम अपनी खुशियों में दूसरों को भी सहभागी बनाएं। छात्रावास में रहने वाली ये बेटियां अपने माता-पिता और परिवार से दूर रहकर शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। ऐसे में त्योहारों के अवसर पर उनके साथ खुशियां बांटना और उन्हें अपनत्व का एहसास कराना हम सभी का दायित्व है।

उन्होंने कहा कि बेटियां हमारे समाज का भविष्य हैं। उनकी शिक्षा, सुरक्षा और आत्मविश्वास को बढ़ावा देना हम सबकी जिम्मेदारी है। इन बेटियों के चेहरे पर मुस्कान देखकर उन्हें बेहद खुशी हुई। उन्होंने छात्राओं को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए मन लगाकर पढ़ाई करने, अपने सपनों को साकार करने तथा अपने माता-पिता, गांव और क्षेत्र का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।

अधीक्षिका कामिनी पटेल के सेवाभाव की मंजू बैस ने की सराहना

जनपद सभापति मंजू संजय बैस ने छात्रावास की अधीक्षिका सुश्री कामिनी पटेल और पूरे स्टाफ के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि आदिवासी कन्या छात्रावास की बेटियों को घर जैसा वातावरण और अपनापन प्रदान करना अपने आप में बड़ी जिम्मेदारी है। ये बच्चियां अपने परिवार से दूर रहकर यहां निवास करती हैं, इसलिए छात्रावास ही उनका दूसरा घर है।

उन्होंने कहा कि अधीक्षिका कामिनी पटेल जिस आत्मीयता, प्रेम और समर्पण के साथ छात्राओं की देखभाल करती हैं, वह प्रशंसनीय है। छात्रावास की बच्चियों के जन्मदिन को याद रखना, उनके साथ खुशियां साझा करना और उनकी छोटी-छोटी जरूरतों का ध्यान रखना उनके सेवाभाव को दर्शाता है।

मंजू बैस ने कहा कि कामिनी पटेल और छात्रावास का पूरा स्टाफ जिस जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ बेटियों के भविष्य को संवारने में योगदान दे रहा है, वह सराहनीय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इसी तरह छात्रावास में बेटियों को सुरक्षित, स्वच्छ, अनुशासित और पारिवारिक वातावरण मिलता रहेगा।

सरपंच वेद बाई पिस्दा ने की पहल की प्रशंसा

कार्यक्रम में उपस्थित ग्राम पंचायत कुसुमकसा की सरपंच श्रीमती वेद बाई पिस्दा ने जनपद सभापति मंजू संजय बैस द्वारा छात्राओं को दीपावली के उपहार स्वरूप नए कपड़े प्रदान करने की पहल की प्रशंसा की।

उन्होंने कहा कि त्योहारों की खुशियां तभी सार्थक होती हैं, जब हम अपने आसपास के लोगों के साथ भी खुशियां बांटते हैं। घर-परिवार से दूर रहकर शिक्षा ग्रहण कर रहीं इन बेटियों को त्योहार के अवसर पर उपहार देना उनके चेहरे पर मुस्कान लाने का सुंदर प्रयास है।

उन्होंने अधीक्षिका कामिनी पटेल और छात्रावास के कर्मचारियों के प्रयासों की भी सराहना की तथा छात्राओं को मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने गांव, परिवार एवं क्षेत्र का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।

कामिनी पटेल ने कहा—बेटियों को घर जैसा अपनापन देना हमारा प्रयास

छात्रावास की अधीक्षिका सुश्री कामिनी पटेल ने कहा कि छात्रावास में निवासरत सभी 106 छात्राएं उनके लिए परिवार की बेटियों के समान हैं। वे अपने घर-परिवार से दूर रहकर यहां शिक्षा प्राप्त करती हैं। ऐसे में उनका प्रयास रहता है कि छात्रावास में बच्चियों को घर जैसा प्यार, अपनापन और सुरक्षित वातावरण मिले।

उन्होंने कहा कि दीपावली खुशियों और आपसी प्रेम का त्योहार है। जनपद सभापति मंजू संजय बैस द्वारा सभी छात्राओं को नए कपड़े भेंट किए जाने से बच्चियों की खुशियां दोगुनी हो गईं। छात्राओं के चेहरों पर मुस्कान देखकर सभी को प्रसन्नता हुई।

उन्होंने कहा कि बच्चों की छोटी-छोटी खुशियों का ध्यान रखना और उनके लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करना हम सभी की जिम्मेदारी है। छात्रावास परिवार का प्रयास रहेगा कि बेटियों को बेहतर सुविधाएं और शिक्षा के अनुकूल वातावरण मिले, ताकि वे अपने सपनों को पूरा कर सकें।

बेटियों की मुस्कान ने बनाया दीपावली को यादगार

कार्यक्रम के दौरान जनपद सभापति मंजू संजय बैस द्वारा छात्रावास की 106 छात्राओं को नए कपड़े वितरित किए गए। उपहार पाकर छात्राओं ने प्रसन्नता व्यक्त की। इस पहल ने उनके लिए दीपावली के पर्व को और भी खास बना दिया।

कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने जनपद सभापति मंजू संजय बैस की इस पहल तथा अधीक्षिका कामिनी पटेल और छात्रावास के स्टाफ के समर्पित प्रयासों की सराहना की।

निश्चित रूप से यह आयोजन समाज को एक सुंदर संदेश देता है कि त्योहारों की असली खुशी दूसरों के जीवन में मुस्कान लाने में है। दीपावली के पावन अवसर पर कुसुमकसा कन्या आदिवासी छात्रावास की 106 बेटियों को मिले नए कपड़े और उनके चेहरों पर खिली मुस्कान इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि रही।

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