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कोरोना ड्यूटी शिक्षक की पिटाई,पुलिस जवान को लज्जा नहीं आई! शिक्षक अपमान पर हो कठोर कार्यवाही – टीचर्स एसोसिएशन

गैर शैक्षणिक कार्यों पर विभाग क्यों है मौन ? पहले 50 लाख का बीमा करे,सुरक्षा संसाधन दे तब ड्यूटी लगाये।


राजनांदगांव -छत्तीसगढ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा,प्रदेश उपाध्यक्ष व संभाग प्रभारी विनोद गुप्ता, जिला अध्यक्ष गोपी वर्मा, जिला सचिव जीवन वर्मा,जिला कोषाध्यक्ष हंस मेश्राम,जिला प्रवक्ता देवेन्द्र साहू व मिडिया प्रभारी मनोज वर्मा ने बताया कि वर्तमान में पुरे प्रदेश में कोरोना ड्यूटी के दौरान कोरोना संक्रमण से 1 हजार से अधिक शिक्षकों की मृत्यु हो चुकी है,जिससे पुरे प्रदेश के शिक्षक आक्रोशित है। वहीं एक ऐसा मामला प्रकाश में आया है जहां पुरे शिक्षक बिरादरी में आक्रोश व्याप्त हो गया हैं।विदित हो कि प्रदेश के वनांचल जिला दंतेवाडा में एक पुलिस जवान द्वारा कोरोना ड्यूटी कर रहे शिक्षक की सरेराह पिटाई कर दी गई,जिसे सुनकर प्रदेश के समस्त शिक्षकों में आक्रोश व्याप्त है। तथा छत्तीसगढ टीचर्स एसोसिएशन प्रदेश संगठन सहित प्रदेश के समस्त शिक्षक संगठनों ने समवेत स्वर में इस घटना की कडी निंदा की है और इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न करने की चेतावनी प्रशासन को दी है। शिक्षक का अपमान करने वाले पुलिस जवान पर कार्यवाही की मांग की है।
शिक्षक कर रहें हैं जोखिम भरा ड्यूटी- कोविड 19 ड्यूटी निभा रहे शिक्षकों की कोरोना संक्रमध के चलते प्रदेश कर्मचारियों में सर्वाधिक संक्ष्या में असामयिक मृत्यु पर चिंता व्यक्त करते हुए समस्त शिक्षकों के 50 लाख बीमा,सुरक्षा संसाधन व अन्य कोरोना वारियर्स को मिलने वाले लाभ को प्रदान करने की मांग संघ करता है।संगठन के जिला अध्यक्ष गोपी वर्मा,जिला सचिव जीवन वर्मा व प्रवक्ता देवेन्द्र साहू ने बताया कि शिक्षकों की कोविड 19 ड्यूटी/मोहल्ला क्लास दौरान संक्रमित होकर पिछले दिनों जारी सरकारी आंकडों में सर्वाधिक 370 शिक्षा विभाग के है जबकि संक्रमित व मृत्युदर वर्तमान में जारी है। अस्पताल,श्मशान घाट वैक्सीनेसन,सेम्पल लेने,रेल्वे स्टेशन,बस स्टैंड,कोविड सेंटर,कोरेनटाईन सेंटर,टेस्टिंग में ड्यूटी लगने के बावजूद शासन ने शिक्षकों को फ्रंटलाईन वर्कर्स नहीं माना जाना दुर्भाग्य जनक स्थिति है। लेकिन जब भी शिक्षक हितों की बात होती है जो शासन,प्रशासन में बैठे जिम्मेदार लोग मुंह फेर लेते है।फिर भी शिक्षक कभी अपनी जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हटे है, निरंतर शासन,प्रशासन के निर्देश का पालन कर ही रहें है।वर्तमान हालातों में जिले की बात की जाए तो शिक्षक एल.बी. सहित लगभग 50 से अधिक शिक्षक कोरोना ड्यूटी से व संक्रमण से असामयिक मृत्यु हो चुकी है, लेकिन उन्हें 50 लाख बीमा कवर के दायरे में नहीं लाया गया है तथा उन्हें कोरोना वारियर्स का दर्जा नहीं दिया गया है। इससे शिक्षकों में भारी रोष व्याप्त है।

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