महासमुंद जीत तिवारी

सरायपाली विकास खण्ड के अन्तर्गत छिर्रापाली जलाशय (बांध) में त्रिवेणी मत्स्य सहकारी समिति मर्यादित आंवलाचक्का के द्वारा विगत कई वर्षों से मछली पालन किया जा रहा है । त्रिवेणी मत्स्य सहकारी समिति शासन द्वारा पंजीकृत संस्थान है । समिति के सदस्यों द्वारा मत्स्य आखेट कर जीवन निर्वाहन किया जाता रहा है । मछली मार कर ही अपना जीविका चला रहे हैं ।
त्रिवेणी मत्स्य सहकारी समिति के अध्यक्ष सोनियाराम चन्द्रवंशी ने कहा कि छिर्रापाली बांध को त्रिवेणी मत्स्य सहकारी समिति द्वारा लिज में लिया गया है । प्रतिवर्ष शासन को लिज पटाया जा रहा है और मछली अखेटकर जीवोकोपार्जन किया जाता रहा है । कोरोना संक्रमण के चलते पूर्ण लाकडाऊन होने के कारण समिति के द्वारा लाकडाऊन का पालन करते हुए मछली नहीं मारने का निर्णय लिया गया था । जिसका फायदा साजापाली , छिर्रापाली एवं बहेरापाली के कुछ लोगों द्वारा बांध पर अतिक्रमण कर फायदा उठाया गया , और जबरदस्ती मछली को मारकर ले गये ।
त्रिवेणी मत्स्य सहकारी समिति के सदस्य गणेशराम रात्रे ने कहा कि बांध में दस हार्ष पावर के 25 नग पनडुब्बी मोटर बिठाकर बांध के पानी को खींचकर सुखा करके कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा एकमत , एकराय होकर मछली को मारकर ले गये । जब समिति वालों द्वारा मना करने पर जान से मारने की धमकी दिया एवं अश्लील गाली गलौच किया गया और समिति के सदस्यों पर पथराव किया गया । जिसके डर से हम कुछ नहीं कर पाये ।
समिति के कोषाध्यक्ष रामप्रसाद बरिहा ने कहा कि साजापाली , छिर्रापाली एवं बहेरापाली के कुछ सरारती तत्त्वों द्वारा शासन के निर्धारित पूर्ण लाकडाऊन कोविड-19 के नियमों का भी घोर उलंघन किया गया है ।
समिति के सचिव लोचन मलिक का कहना है कि हम गरीब , मजदूर , अनुसूचित जाति एवं आदिवासियों के जीवोकोपार्जन का साधन है । जिसके चलते हमारे परिवार एवं सदस्यों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है । जिसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की गयी है ।
समिति के सदस्यों का कहना है कि भीषण गर्मी में लोग बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं लेकिन कुछ लोगों द्वारा बांध के पानी को खींचकर बांध को सुखा कर मछली को अवैध रूप से मार कर ले जाना अमानवीय कृत्य है । समिति वालों का कहना है कि इस अनैतिक कार्य में संलिप्त सभी प्रमुख आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी हो ।
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