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खेत में कीटनाशक का छिड़काव कर रहा था किसान, हाथी ने पटक-पटक कर मार डाला

जीत तिवारी की रिपॉर्ट महासमुंद


महासमुंद/पिथौरा.:- खेत के धान फसल में दवाई छिड़काव कर रहे एक किसान को हाथी ने पटक-पटक कर मार डाला. बहरहाल, घटना की सूचना के बाद रेंजर शालिकराम डड़सेना ने तत्काल 25 हजार रुपए की सहायता प्रदान की है. जानकारी के अनुसार शुक्रवार शाम करीक 6 बजे ग्राम परसाडीह निवासी मनीराम पिता रामलाल यादव (45) अपने पुत्र जयलाल यादव (17) के साथ खेत गया था. मनीराम पुत्र को मेड पर बैठने बोलकर स्वयं खेत में कीटनाशक का छिड़काव कर रहा था तभी अचानक एक विशालकाय हाथी खेत की ओर बढ़ता दिखा.

हाथी को देखकर पुत्र जयलाल ने पिता को आवाज लगाई पर खुद घबराए पुत्र के मोह से आवाज ही बाहर नहीं निकली और हाथी तेजी से चलते खेत में घुस गया. हाथी का रौद्र रूप देख कर पुत्र तत्काल समीप के एक पेड़ में चढ़ गया और उसने अपनी लाचार आंखों से अपने पिता को हाथी द्वारा मौत होते तक पटकते देखता रहा. पिता की मौत देख किसी तरह से हिम्मत जुटाकर जयलाल ने गांव में फोन कर घटना कि जानकारी दी. बाद हाथी सीधा भागते हुए ग्राम परसाडीह में दौड़ते हुए गली-मोहल्ले को पार करते हुए कुकराडीह बंजर की ओर भाग गया.वन विभाग ने की सहायता
इधर, वन विभाग एवं पुलिस विभाग को सुचना मिलते ही वे रात में ही घटनास्थल पहुंचकर शव को रात्रि में ही खेत से बाहर निकालकर आज सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया. इसके अलावा परिजनों को वन मण्डलाधिकारी पंकज राजपुत के निर्देश पर 25 हजार रुपए की आर्थिक सहायता मृतक के परिजनों को दी गई है. राशि प्रदान करते समय पंचायत के सरपंच बलराम ध्रुव, ग्राम प्रमुख रूपसिंह नेताम, राधेलाल सिन्हा के साथ ग्रामीणजन उपस्थित थे. रेंजर एसआर डड़सेना ने बताया कि शेष राशि 5 लाख 75 हजार रुपए पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद तत्काल नियमानुसार प्रार्थी के बैंक खाते में जमा कर दी जाएगी.

अब तक 21 मौतें
इधर, हाथी भगाओ फसल बचाओ समिति के संयोजक राधेलाल सिन्हा ने बताया कि सिरपुर क्षेत्र में पहली बार हाथी का आगमन मार्च 2016 में हुआ था. तब से लेकर अब तक 21 लोगों को हाथी ने कुचल कर मार डाला है. परसाडीह में यह दूसरी घटना है जिसे हाथी ने मार डाला.अफसरों के नित नए प्रयोग हो रहे असफल
जिले में हाथियों को खदेड़ने प्रदेश स्तर के कुछ उच्च पदस्थ अफसर लगातार हास्यास्पद प्रयोगों से हाथियों पर नियंत्रण का प्रयोग करते रहते हैं. जिसमें इन अफसरों ने शासन के करोड़ो रुपए प्रयोगों के नाम पर फूंक दिए बावजूद इन प्रयोगों से हाथियों पर तो नियंत्रण नहीं पाया जा सका पर इन प्रयोगों से हाथियों के खाली पेट ने हाथियों को आक्रमक जरूर बना दिया. जानकर बताते हैं कि पूरे प्रदेश के अनेक जिले हाथी प्रभावित हैं पर महासमुंद जिले के खासकर सिरपुर क्षेत्र में ही हाथी लगातार मनुष्य को देखते ही उन पर हमला कर रहे हैं जो कि अब एक चिंताजनक मामला हो गया है.

हाथियों हेतु कॉरिडोर बनाने की सरकारी योजना भी अब ठंडे बस्ते में चली गई है. अब यहां आवश्यकता है तो बस किसी ठोस कार्ययोजना की जिसमें हाथियों को यहां से भगाने की बजाय उनके लिए जंगलों के बीच भोजन-पानी की व्यवस्था हो और आज के दुश्मन बन बैठे हाथी मानव के साथी बन कर आराम से जीवन बसर कर सके.

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