शांत व शालीन राजनीति के पर्याय बने टी एस सिंहदेव की इस बार के खेल को देखकर तो आक्रामक भुपेश बघेल भी सम्हलकर खेलते नजर आ रहे है।
अगले हफ्ते तक आगे बढे इस राजनीतिक सत्ता की लड़ाई कहे या खींचतान देश व प्रदेश की जनता की निगाह लगातार बनी रहेगी
बालोद cg24आजतक न्यूज :- प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री भुपेश बघेल व कांग्रेस की राजनीतिक पारा आज दिनभर दिल्ली के अंदर गर्म रहा और सुबह से लेकर अटकलों का बाजार गर्म रहा और छत्तीसगढ़ की राजनीतिक उठापटक की खबरे दिन भर देश की जनता के सामने रहा आखिर क्यों न हो मामला ढाई ढाई साल के फार्मूले की पिच पर दाऊ व महराज के बीच बल्लेबाजी में स्ट्राइक लेंने को लेकर मचे खींचतान को लेकर छत्तीसगढ़ से लेकर राजधानी तक सफर को लेकर जो है।
छत्तीसगढ़ में जब चुनावो के बाद पूर्ण व बड़े बहुमत की सरकार बनी तो अंदर खाने चर्चा में यह बात सामने आया कि तीन प्रमुख दावेदारों भुपेश,ताम्रध्वज, व सिंहदेव में ताम्रध्वज के पीछे हटते ही दोनों प्रमुख दावेदारी मुख्यमंत्री को लेकर दाऊ व महराज के बीच ही रहा जिसमे कांग्रेस आलाकमान ने ढाई ढाई साल का फार्मूला निकाला व प्रदेश की कमान भुपेश बघेल को दे दी व ताजपोशी हो गई लेकिन भुपेश बघेल के ढाई साल के सरकार के कार्यकाल आते ही फार्मूला का जिन्न फिर एक बार सामने आया व शालीन व शांत महराज के दिल्ली में डेरा डालने के बाद प्रदेश की राजनीति में खलबली मची हाल ही में इस बात के संकेत दिल्ली दरबार को लग गई थी व इस विषय पर महराज व दाऊ को दरबार मे हाजिरी भी लगानी पड़ी नतीजा तो सामने नही आया दाऊ दिल्ली से उड़कर प्रदेश में पहुंचे व एयरपोर्ट में ही विक्ट्री साइन के साथ ताकत दिखाई लेकिन दिल्ली में डटे रहे महराज सिंहदेव की शालीन राजनीति ने भी दिल्ली दरबार मे यह खबर बनाया व शांत राजनीतिकी पिच पर आक्रामक कैप्टन (भुपेश बघेल ) के साथ खेल रहे महराज ने भी कप्तान बनने की बात की तो दूसरे ही पल दाऊ जो दो दिन पहले ही दिल्ली से वापस आये उनको फिर से दिल्ली बुलावे का फरमान आ गया और तो और मंत्रिमंडल के अधिकांश मंत्री व लगभग 35 से 40 विधायक व बोर्ड मंडलों के अध्यक्ष भी दिल्ली पहुंच गए हाजिरी लगाने
राष्ट्रीय संगठन व प्रदेश संगठन ने कहा कि मुख्यमंत्री को छोड़कर किसी को भी नही बुलाया गया है। तो फिर इतनी बड़ी संख्या में विधायक दिल्ली गए ही क्यों ,इस बात का खुलासा कुछ विधायको ने कर दिया कि दाऊ जी के आदेश पर वो आये है। व सभी दाऊ के नेतृत्व पर ही आगे काम करेंगे प्रभारी पूनिया से बैठक फिर देर शाम राहुल,प्रियंका व केसी वेणुगोपाल के साथ मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री बदलने की जो बात सुबह से आ रहा था वो स्पष्ठ नही हो पाया लेकिन सस्पेंस अभी भी कायम है। व फिलहाल दाऊ के हाथों में ही प्रदेश की बागडोर रहेगा एक हफ्ते तक प्रदेश में फिर रस्साकस्सी जारी रहेगा जब तक राहुल गांधी छत्तीसगढ़ के दौरे पर नही आ जाते है।
वैसे राजनीतिक अटकलों व अंदरूनी खबरो की माने तो कई लोग अगले कदम में महराज की ताजपोशी की बातें कह रहे वही भुपेश बघेल के राहुल के साथ बैठक के बाद न्यूज चैनलों को दिए इंटरव्यू में जिस तरह से बयान दिए गए व उनकी चेहरे व बातों को रखने को लेकर कही न कही राजनीतिक नुकसान से जोड़कर देखा जा रहा है। (दिनभर की खबरो के अनुसार )
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