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बालोद / राज्य स्वास्थ्य संसाधन केंद्र के निर्देश पर स्वास्थ्य मितानिन कार्यक्रम डौंडीलोहारा के द्वारा जलवायु परिवर्तन को लेकर नारा लेखन पोस्टर तथा कार्यशाला लगाकर मितानिन जागरूकता का संदेश दे रही है। ब्लॉक की 20 से अधिक ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं पंचों को जलवायु परिवर्तन पर कार्यशाला आयोजित कर पंचायतों को प्रशिक्षित कर रहे हैं। मितानिन अपने पारा में घर घर धुआं रहित चूल्हा बना रही है प्रशिक्षण के दौरान मितानिन प्रशिक्षक परवीन बेगम ने बताया कि पर्यावरण में बदलाव का मतलब बेमौसम बारिश, बढ़ती गर्मी, सूखा पड़ना, उपजाऊ कृषि बंजर भूमि मैं बदल जाना, बर्फीले पहाड़ लगातार पिघलते जाना एवं समुद्र का जलस्तर बढ़ना जलवायु परिवर्तन की निशानी है। प्रशिक्षक मधुसूदन करसेल ने पर्यावरण में परिवर्तन के मुख्य कारण बताएं। जिसमें जंगल की कटाई, आधुनिक कृषि उत्पादन तकनीक ,उद्योगों से प्रदूषण, तथा अंधाधुन शहरीकरण प्रमुख है। स्वस्थ पंचायत समन्वयक नैन साहू ने बताया कि जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण तथा मिट्टी में प्रदूषण से जलवायु परिवर्तन हो रही है। डौंडीलोहारा विकासखंड के 120 ग्राम पंचायतों में जलवायु परिवर्तन से संबंधित पोस्टर मितानिन लगा रही है। गांव में धुआं रहित चूल्हा बनाने के लिए मितानिनो को प्रशिक्षित किया जा रहा है। मितानिन प्रशिक्षक सीमा यादव, केशव शर्मा, सुशीला साहू, दीपमाला श्रीवास्तव, सरोज मेश्राम, कुमारी ठाकुर, संतोष निर्मलकर, चंद्रप्रभा साहू, ललिता यादव, अंकालूराम कोसमा, नीरा बहेंद्र, रोहित चुरेंद्र, ओमलता साहू मितानिनो को प्रशिक्षण देने का कार्य कर रहे हैं।
इन पंचायतों में हुई कार्यशाला:- जिला समन्वयक हेमंत पांडे व स्वस्थ पंचायत समन्वयक अनीता रामटेके के निर्देश पर विकासखंड के ग्राम पंचायत भंडेरा, परसाडीह(सु), फरदफोङ, हथौद, संबलपुर, कसही, धनगांव, रेगाडरी, खैरकटा,भवरमरा,अरजपूरी,भीमपुरी,मंगचुवा,कुदारीदली,कमकापार,जुनापानी,करकुटोला,पिनकापार,फुलसुंदरी,मनकी मे जलवायु परिवर्तन से संबंधित कार्यशाला हुई।
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