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राज्य सूचना आयोग द्वारा नगर पंचायत डौण्डी लोहारा के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही के निर्देश

cg24 आजतक न्यूज :-

डौंडी लोहारा — राज्य सूचना आयोग द्वारा स्थानीय नगर पंचायत के विरुद्ध पहली बार आवेदक जयेश ठाकुर के द्वितीय अपील पर कार्यवाही करते हुए नगर पंचायत के जनसूचना अधिकारी द्वारा समय पर जानकारी प्रदान नही करने तथा प्रथम अपीलीय अधिकारी द्वारा अपील पर कोई कार्यवाही नही किये जाने का दोषी मानते हुए कड़ी कार्यवाही की गयी है।
राज्य सूचना आयोग द्वारा निर्णय लेते हुए वर्तमान जनसूचना अधिकारी अपीलार्थी द्वारा वांक्षित पूर्ण एवं स्पष्ट जानकारी सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत सत्यापित करते हुये इस आदेश प्राप्ति के 30 दिवस के भीतर अपीलार्थी के जनसूचना आवेदन में दिये गये पते पर निःशुल्क रजिस्टर्ड डाक से प्रेषित करें तथा अपीलार्थी को जितने पेज की जानकारी निःशुल्क दी गई है उतने पेज के लिये 02 रु. प्रति पृष्ठ के हिसाब से मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पंचायत डौण्डीलोहारा सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय के अधिसूचना क्रमांक एफ 2-19 / 2006 / 1 / 6 रायपुर दिनांक 27.07.2006 की कंडिका 5 के अनुसार निःशुल्क जानकारी प्रदाय करने से शासन को होने वाली क्षति की राशि दोषी जनसूचना अधिकारी से वसूल कर पंचायत के कोष में जमा कराने की कार्यवाही करें ।
इसी तरह जनसूचना आवेदन दिनांक 24.06.2020 के समय पदस्थ रहे जनसूचना अधिकारी को सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20 (1) के तहत कारण बताओ सूचना पत्र जारी हो कि क्यों न उन पर समयावधि में जानकारी प्रदान नहीं करने के लिये 250 रू. प्रतिदिन के मान से अधिकतम 25000 रु. अर्थदण्ड अधिरोपित किया जावें एवं कर्तव्यों के निर्वहन में शिथिलता बरतने के लिए अधिनियम की धारा 20 (2) के तहत क्यों न अनुशानात्मक कार्यवाही के लिये विभाग प्रमुख को अनुसंशा की जायें।
इसी प्रकार प्रथम अपील दिनांक 10.08.2020 से 45 दिवस के अवधि में पदस्थ प्रथम अपीलीय अधिकारी द्वारा निर्धारित समयावधि में प्रथम अपील का निराकरण नहीं करने के लिए क्यों न उनके विरुद्ध छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग (सूचना का अधिकार प्रकोष्ठ) मंत्रालय नया रायपुर द्वारा जारी पत्र क्रमांक एफ 8-5 / 2013 / आरटीआई / 1- सूअप्र दिनांक 14.11.2013 की कंडिका 09 तथा पत्र कमांक 768 / जी-2071 /2012/1-सूअप्र दिनांक 29.04. 2013 की कंडिका 2 के अनुसार सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20 (2) के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु सक्षम अधिकारी को लेख किया जावे।आयोग द्वारा दोषी पाए जाने वाले अधिकारी वर्तमान में कहा पदस्थ है यह जानकारी भी नगर पंचायत से मांगी गयी है।

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