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लंबे समय के अंतराल के बाद धमाकेदार छत्तीसगढ़ी फिल्म आई “चल हट कोनों देख लिहि ……दर्शको ने सराहा

CG24 aajtak news

Balram Gupta 9893932904

बालोद पहुंचे फ़िल्म के निर्माता व कलाकार

बालोद। फिल्म के निर्माता छोटेलाल साहू, अभिनेता दिलेश साहू, अभिनेत्री अनिकृति चौहान शनिवार को अपने फ़िल्म चल हट कोनो देख लिहि के प्रमोशन में बालोद पहुंचे। जिन्होंने रेस्ट हाउस में मीडिया को संबोधित किया। कलाकारो ने कहाछत्तीसगढ़ी सिनेमा में सतीश जैन का नाम जब भी आता है तो सिर्फ धमाकेदार फिल्म के लिए ही और एक बार फिर उन्होंने यह साबित किया है कि सतीश जैन क्यों छत्तीसगढ़ी सिनेमा के नंबर वन डायरेक्टर हैं। 13 मई को रिलीज हुई उनकी फिल्म “चल हट कोनो देख लेही एक कंपलीट एंटरटेनमेंट पैकेज फिल्म है, सतीश जैन की फिल्म में ढाई घंटे का भरपूर मसाला होता है फिर चाहे गानों की बात करें एक्शन सीक्वेंस की बात करें इमोशन की बात करें कॉमेडी की बात करें फिल्म में हर वह एलिमेंट मौजूद है जो दर्शकों को बांध कर रखता है। निर्माता ने बताया हीरो की एक्टिंग की बात कर तो एक्शन स्टार छवि वाले दिलेश साहू ने बहुत ही जबरदस्त अभिनय किया है। रजनीश झांझी और अंजली सिंह चौहान फिल्म की जान है। अनिकृति चौहान अपनी खूबसूरती अदायगी से दर्शकों को आकर्षित करने में कामयाब रही है, वहीं हसी का खजाना लिए हमेसा की तरह लोगों को गुदगुदाने में कामयाब रहे हेमलाल कौसल, फिल्म में दिखाए गए सभी किरदारों ने अपने किरदारों पर जान डाली है फिल्म का संगीत बैकग्राउंड म्यूजिक सिनेमैटोग्राफी इसका मजबूत पक्ष है.. जो दर्शकों की उम्मीदों में खरे उतरते दिखाई देते हैं।

. क्यों देखनी चाहिए यह फिल्म?.

इसका सीधा सा जवाब है जुबली डायरेक्टर सतीश जैन की फिल्म मेकिंग जिस स्टाइल और तरीके से फिल्म निर्माण करते हैं वह बहुत ही यूनिक और अलग रहता है और हर बार की तरह इस बार भी बहुत ही जबरदस्त फिल्म परिवारिक ड्रामा इमोशन, नारी सशक्तिकरण पर बनाई है जो छत्तीसगढ़ी दर्शकों के मन में उत्साह का संचार करती है। यह फ़िल्म बालोद के पाची सिनेमा और विनय टाकीज में लगा हुआ है।

हर छोटे शहर में खुले थिएटर तो छत्तीसगढ़ी फिल्म को मिलेगा और बढ़ावा

कलाकारों ने मीडिया के जरिए अपनी कुछ समस्याएं रखी। अभिनेत्री अनुकृति चौहान ने कहा छत्तीसगढ़ी फिल्म को बढ़ावा देने के लिए आज छोटे शहरों में भी थिएटर खोले जाने की जरूरत है। सरकार को छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए यह प्रयास जरूर करना चाहिए। ताकि गांव गांव की महिलाएं जो दूर-दराज में रहती है वह भी सिनेमा हॉल तक पहुंच सके और अपनी संस्कृति से जुड़ी फिल्मों का आनंद ले सके।

बालोद जिले की बेटी ने फिल्म में डाली है जान

बता दें कि महिलाओं की ताकत को इस फ़िल्म में सामने लाया गया है। जिसमें वैसे तो केमिस्ट्री हीरो और हीरोइन की भी चलती है ।लेकिन प्रमुख किरदार दोनों के माता और पिता निभाते हैं ।जिनके बीच टकराव की स्थिति रहती है ।फिल्म में हीरो के मां के रूप में शारदा देवी नाम की महिला का किरदार है जो कि बालोद जिले की अंजलि सिंह चौहान ग्राम अरजपुरी की रहने वाली है। अक्सर फिल्म में हीरो हीरोइन के एंट्री पर तालियां सिटी बजती थी लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है जब एक मां की एंट्री पर सीटी और तालियां बजती है।

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