
दल्ली राजहरा CG24 आजतक
सूत्रों की माने तो पालिका में पार्षदों की बड़ी संख्या भाजपा की है।लेकिन कांग्रेसी रणनीति व पालिका अध्यक्ष के मैनेजमेंट का कमाल है।कि विपक्ष यंहा नजर आया ही नही व कम संख्या के बावजूद शिबू नायर सत्ता पर काबिज होकर काम कर रहे,वही भाजपा पालिका की राजनीति के फेर में उलझकर आपस मे ही बिखरी हुई दिख रही है।

दल्ली राजहरा शहर में भाजपा नेताओं के द्वारा लंबे समय बाद नगर पालिका में काबिज कांग्रेस पालिका अध्यक्ष शिबू नायर के कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए भाजपा के एक पार्षद के वार्ड में पेयजल जैसे मूलभूत सुविधा को लेकर भेदभाव का आरोप लगाते हुए पालिका कार्यालय में घूम नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया गया व अध्यक्ष शिबू नायर के सामने भी भाजपाई काफी आक्रोशित नजर आ रहे थे।वही पालिका अध्यक्ष व उनके समर्थक पार्षदों ने भी भाजपाई विरोध को राजनीतिक स्टंट मात्र बताया व यह विरोध दोनों बड़े राजनीतिक दलों के एक दिवसीय कहासुनी से समाप्त हो गया लेकिन अचानक लंबे समय के बाद पालिका की कार्यप्रणाली व भाजपा के एक दर्जन पार्षदों के रहते मात्र एक महिला पार्षद के वार्ड में भेदभाव का आरोप पर यह विरोध प्रदर्शन से यह बात भी निकल कर आ रहा कि भाजपा के बाकी पार्षदों के वार्डो में पालिका अध्यक्ष व पालिका प्रशासन की कार्यवाही क्या सही तरीके से चल रहा है।जिस कारण वो पार्षद इस विरोध में आगे नही आये है। जिससे यह माना जायेगा कि भाजपा के मात्र एक पार्षद के वार्ड में इस प्रकार की कार्यवाही की जा रही है।तभी बाकी पार्षद विरोध प्रदर्शन में नही शामिल रहे।

पालिका विरोध में बाकी भाजपा पार्षद नदारद :-जिला कोषाध्यक्ष सुदेश सिंग व पार्षद सोहदरा ठाकुर व कुछ भाजपा नेताओं की उपस्थिति में भाजपाई पालिका पहुंचे व विरोध जताया लेकिन जानकारी अनुसार भाजपा के अन्य पार्षद इस प्रदर्शन में नजर नही आये आखिर क्यों ?
दल्ली राजहरा में बड़ी संख्या में भाजपा नेताओं की मौजूदगी बावजूद विरोध प्रदर्शन में कुछ चेहरे ही सामने आये जबकि यह विरोध प्रदर्शन भाजपा जिला कोषाध्यक्ष व मंडल महामंत्री राकेश द्विवेदी ,सुजीत झा,संजीव सिंग महेंद्र सिंग ,किरण सिन्हा,महेंद्र पिपरे ,भूपेंद्र श्रीवास,सुरेश जायसवाल,जनार्दन सिंगरौल जैसे नेताओं की अगुवाई में आयोजित किया गया था बावजूद कई बड़े भाजपाई नेता इस आयोजन में नही दिखे यह भी सोचनीय विषय है।
उपाध्यक्ष को हटाने कांग्रेस भाजपा में तालमेल :- कुछ समय पूर्व दल्ली पालिका में आम आदमी पार्टी के नेता व उपाध्यक्ष संतोष देवांगन को हटाने दोनों प्रमुख दलो के पार्षदों में बेहतरीन तालमेल देखा गया व दोनों दलों के पार्षदों ने इस मुहिम को आगे बढ़ाया था, वही जानकारी अनुसार उपाध्यक्ष हटाओ मुहिम में भाजपा के दो पार्षदों जिसमे सोहदरा ठाकुर,राजेश कांबले के हस्ताक्षर न होना इन सब मामले का कारण बन रहा है। व इन दो पार्षदों के वार्डो के जायज मामलों पर भी पालिका के जिम्मेदार ध्यान नही देकर गोलमोल जवाब देकर कार्यो को लटका रहे है। इस प्रकार की बातें सामने आ रहा है। क्योंकि यह विरोध प्रदर्शन में सोहदरा ठाकुर के वार्ड का मामला ही बड़ा विषय था।
CG24 आजतक ने भाजपा के मंडल महामंत्री राकेश द्विवेदी से मामले पर बात की तो उन्होंने बताया कि पालिका के गलत कार्यो का विरोध की रणनीति लंबे समय से बनी थी लेकिन कुछ कारणों से यह नही हो पाया था लेकिन पालिका अध्यक्ष व पालिका प्रशासन की गैर जिम्मेदाराना व्यवहार व एक आदिवासी महिला पार्षद के वार्डो में भेदभाव के कारण यह जनाक्रोश बना है। और आगे पालिका अध्यक्ष के गलत कार्यो को लेकर विधानसभा स्तर पर विरोध किया जाएगा ।
विरोध प्रदर्शन में पालिका अध्यक्ष व भाजपा नेताओं के बीच तीखी बहस व नारेबाजी व दोनों पक्षो के ओर से जो शब्दभेदी बाण चले है।आगे चलकर शहर की राजनीति में पालिका का मुद्दा छाया रहेगा,वही भाजपा के कुछ पार्षदों के लिए भी असमंजस की स्थिति बनेगी क्योंकि वो संगठन की माने व पालिका के विरोध में आवाज बुलंद करें। जो इस प्रदर्शन से बाहर थे।
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