
इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री बघेल ने सभी को धनतेरस, रूप चौदस व दीपावली की बधाई व शुभकामनाएं देते हुए कहा कि, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना हम सबकी जिम्मेदारी है। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा तो कहीं-न-कहीं यह छत्तीसगढ़ के विकास की गति को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि, छत्तीसगढ़ सरकार ने परम्परागत व्यवसाय, हस्तशिल्प व हस्तकला को बढ़ावा देने के लिए वन धन विकास केन्द्र, छत्तीसगढ़ हर्बल से लेकर सी-मार्ट (छत्तीसगढ़ मार्ट) की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि, दीपावली का त्योहार कुम्भकार समुदाय के लिए विशेष रूप से उम्मीदों का अवसर होता है, जब उनका व्यवसाय अपेक्षाकृत अधिक होता है और उन्हें आर्थिक संबलता मिलती है। इसी तरह छत्तीसगढ़ में ग्रामीण महिलाएं फूल झाड़ू, धान की बालियों से झालर, बांस की टोकरी समेत टेराकोटा जैसे अनेक तरह के उत्पाद तैयार कर रही हैं। इनकी खरीदी कर इन्हें प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
शासकीय योजनाओं से हर चेहरे पर है खुशी :
बाजार में रौनक को लेकर एक सवाल पर मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि, छत्तीसगढ़ सरकार राजीव गांधी किसान न्याय योजना के जरिये किसानों को उनकी उपज का सही दाम दे रही है। राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के माध्यम से गरीब, मजदूर वर्ग को आर्थिक सहायता दी जा रही है। गोधन न्याय योजना छत्तीसगढ़ में गोपालकों व गौठान समितियों तथा महिला स्व-सहायता समूहों के लिए आय का बड़ा स्त्रोत बन चुकी है। छत्तीसगढ़ में पुरानी पेंशन योजना बहाल करने साथ ही शासकीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में हाल ही में पांच प्रतिशत की वृद्धि की गई। अब राज्य के शासकीय कर्मचारियों को 33 प्रतिशत तक महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। व्यापार-उद्योग को बढ़ावा देने के लिए भी योजनाएं और नीतियां अपनायी गईं। इस तरह से हर वर्ग को आर्थिक रूप से समृद्ध और संबल करने का प्रयास बीते पौने चार साल में छत्तीसगढ़ सरकार ने किया है। बाजार में दिख रही रौनक सरकार के इन्हीं प्रयासों का नतीजा है। शासकीय योजनाओं से हर वर्ग के चेहरे पर खुशी है।
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