
दल्लीराजहरा/डौंडी
विक्रम धुर्वे (जिलाध्यक्ष,भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा बालोद व सांसद प्रतिनिधि)ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के स्वागत के लिए तत्पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम को सोनिया के सुरक्षा गार्ड द्वारा बदसलूकी से रोक दिए जाने के घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि राष्ट्रीय अधिवेशन में कांग्रेस का असली चेहरा जनता के सामने आ गया। विक्रम धुर्वे ने कहा कि पहले एक आदिवासी प्रदेश अध्यक्ष के फोटो बैनर, होर्डिंग्स, फ्लेक्स से सुनियोजित साजिश के तहत गायब किए गए, फिर बाद में उन्हें चिपकाया गया और हद तो तब हो गई जब सोनिया गांधी का स्वागत करने जा रहे प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम को सोनिया गांधी के गार्ड ने रोक दिया। जबकि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल स्वयं वहां खड़े थे। क्या एक आदिवासी नेता, जो प्रदेश कांग्रेस संगठन का मुखिया है, उसकी इतनी भी हैसियत नहीं है कि वह अपने नेताओं का स्वागत कर सके। विक्रम धुर्वे ने
सवाल किया कि आदिवासी नेता मोहन मरकाम से सोनिया गांधी को कैसा खतरा था? मुख्यमंत्री स्वयं वहां खड़े होकर आदिवासी का अपमान देखते रहे। इससे यह साफ हो गया है कि कांग्रेस आदिवासियों को हमेशा दबा कुचला ही देखना चाहती है और कभी भी उन्हें नेतृत्व नहीं देगी।
विक्रम धुर्वे ने कहा कि आदिवासी कांग्रेस की सिर्फ जुबान पर है दिल में नहीं। आदिवासी को वोट बैंक समझने वाली कांग्रेस मतलब निकल जाने के बाद पहचानती नहीं है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मरकाम के साथ लगातार हो रहा दुर्व्यवहार इसका प्रमाण है।
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