google.com, pub-8616032207403459, DIRECT, f08c47fec0942fa0

अर्जुन वृक्ष की धड़ल्ले से हो रहा कटाई,राजस्व विभाग,वन विभाग के अधिकारियों की सुस्ती के चलते अवैध कटाई जारी

जिला कलेक्टर के कड़ाई के बाद भी निर्देशों को ठेंगा दिखा रहे हैं ब्लॉक मुख्यालय के अधिकारी

गुंडरदेही :- ब्लॉक से 9 किलोमीटर दूर ग्राम अर्जुनी में लगातार प्रतिबंधित अर्जुन वृक्ष व शुद्ध ऑक्सीजन देने वाले वृक्ष की धुआंधार आधुनिक मशीन से कटाई किया जा रहा है। राज्य शासन प्रतिबंधित कौवा वृक्ष की कटाई पर प्रतिबंध लगा रखा है। वही बालोद जिला कलेक्टर कुलदीप शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव के द्वारा सप्ताहिक बैठक में अवैध परिवहन अवैध कारोबार को लगाम लगाने लगातार अपने ब्लॉक के अधिकारियों को निर्देश देते हैं ।पर गुण्डरदेही ब्लॉक में बैठे जिम्मेदार वन विभाग वा राजस्व विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारी अपने जिलाधिकारी के सारे निर्देशों को ठेंगा दिखाते हुए खुलेआम दिन और रात प्रतिबंधित वृक्षों की परिवहन पर छूट दे रखे हैं ऐसा प्रतीत हो रहा है। आखिर ऐसी क्या वजह हे की दोनो प्रमुख विभागो के जिम्मेदार अधिकारियों की नजर इन लकड़ी कटाई करने वालो पर नही जा रहा है। राजस्व विभाग, वन विभाग के नाक के नीचे गुंडरदेही ब्लॉक में दर्जनों गाड़ियां प्रतिदिन परिवहन हो रही है अधिकारियों के संरक्षण के चलते एक भी कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई वन विभाग के अधिकारी सबसे ज्यादा ऐसे मामलों में मौन साधे हुए हे।

नाम नहीं छापने की शर्त पर कुछ लकड़ी दलाल ने बताया की अधिकारी अपने एक वसूली मास्टर लगाकर ट्रैक्टर व मेटाडोर को रोककर अधिकारी से बात करा कर पैसे की मांग करते हैं।

कौन-कौन से गांव में हैं बड़े लकड़ी दलाल:-मौखा रनचिरई कजराबांधा चिचबोढ़, परसदा ओटेबंद सिरसीदा सकरौद चीचलगोंदी कोडेवा किलेपार ,जरवाय बोदल खुटेरी, देवरी बोरगहन एवं दुर्ग जिला के ग्राम आवरी के लकड़ी दलाल गुंडरदेही ब्लॉक में सक्रिय हैं।

इन जगहों में होता है परिवहन -गाडाडीही चरोदा ऊतई कुम्हारी धमधा रजौली मचांदुर, के अलावा दुर्ग जिले के अधिकांश आरा मिलों में पहुंच रहा गुंडरदेही की कीमती लकड़ी बताया जा रहा हे की गुंडरदेही का प्रतिबंधित लकड़ी का चिरान गुजरात व महाराष्ट्र जाता हैं। वही कुछ आरा मिल में अभी भी भारी मात्रा में प्रतिबंधित अर्जुन वृक्ष का स्टॉक हैं। कई जगहों पर पेड़ का छिलका निकाल कर बेचा जा रहा हैं जो जांच का विषय है।

सवांदादाता ने जब इस मामले पर तहसीलदार गोविंद सिन्हा से सीधी बात की वा कहा की प्रतिबंधित वृक्ष की कटाई पर कार्यवाही क्यों नहीं हो रही है । वही मिलो का निरीक्षण भी नही हो रहा,ऐसे कारणों से अवैध रूप से लकड़ी कटाई का कार्य तेजी से जारी है।जिस पर अधिकारी ने बताया की ऐसे मामलों पर शिकायत मिलती है तो कार्यवाही करते है आरा मिलो का निरीक्षण भी करते है ।

वही वन विभाग के अधिकारी आर एन टेकाम से मामलों पर संपर्क करो तो कहते है की आपको जो भी छापना है आप छाप दो,इसलिए सही जवाब मामले पर नही मिल पाता

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *