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जलवायु परिवर्तन – प्रभाव एवं समाधान
विज्ञानोदय के तहत ग्राम जुन्नापानी वि॰ख॰-डौंडीलोहरा मे विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया

जलवायु परिवर्तन – प्रभाव एवं समाधान
विज्ञानोदय के तहत ग्राम जुन्नापानी वि॰ख॰-डौंडीलोहरा मे विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया
सोसाइटी फॉर इंटीग्रेटेड रुरल डेवलपमेंट (SIRD) के द्वारा सामान्य विज्ञान की जागरूकता अभियान “ विज्ञानोदय “ के अंतर्गत आज दिनांक 5 जून 2023 को पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में ग्राम जुन्नापानी वि॰ख॰-डौंडीलोहरा,जिला-बालोद मे जलवायु परिवर्तन – प्रभाव एवं समाधान जन जागरूकता शिविर कार्यक्रम का आयोजन किया गया | कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला विकास प्रबंधक (नाबार्ड) दुर्ग श्री एम॰बारा॰ द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के बारे में ग्रामीणजनो को अवगत कराया गया एवं वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से बचने के लिए नाबार्ड द्वारा किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी उन्होने बताया की इसी क्षेत्र मे नाबार्ड द्वारा वाड़ी योजना का संचालन किया जा चुका है, जिससे कई ग्रामीण आम और दूसरे फलों से अपनी बंजर जमीन से 50 से 60 हजार रुपए प्रतिवर्ष आय ले रहे है | संस्था सोसाइटी फॉर इंटीग्रेटेड रुरल डेवलपमेंट (SIRD)के सचिव एवं जलवायु परिवर्तन के विषय विशेषज्ञ एस. के. खरे ने ग्रामीणो को जलवायु परिवर्तन के बारे मे आसान भाषा मे जानकारी दी एवं पिछले 20 -25 वर्षों मे मौषम के बदलाव को उनके अनुभवो के आधार पर समझाया | ग्रामीणों ने माना की असमय बरसात , अत्यधिक गर्मी के कारण जीवन मे कुछ दिक्कतें आई हैं | बदलते मौषम से बचाव के लिए मनुष्यों ने तो एयर कंडीशन / कूलर या हीटर से अपने लिए सुविधा बना ली लेकिन इन उपायों से गर्मी और बढ़ रही है जिसको पशु पक्षी एवं छोटे जीव जन्तु सहन नहीं कर पा रहे है और धीरे धीरे विलूप्त होते जा रहे हैं , जबकि इन सभी पशुपक्षियों का हमारे जीवन मे महत्वपूर्ण स्थान है | प्रकृति के बनाए इकोसिस्टेम मे सभी जीवित प्राणी एवं पेड़ पौधे एक दूसरे पर निर्भर हैं एवं किसी भी एक के खत्म होने पर दूसरे के जीवन पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा ही | उन्होने बताया की शहरों मे पर्यावरण को संरक्षित करने की क्षमता बहुत कम बची है , जबकि ग्रामीण क्षेत्र अभी पर्यावरण को मुख्य रूप से बचा कर रखे हुये हैं | जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने हेतु वृक्षारोपण / पानी के उचित उपयोग से कृषि एवं सोलर ऊर्जा के उपयोग पर ज़ोर दिया |
कार्यक्रम मे शामिल महिलाओं को मनरेगा के अंतर्गत तालाब गहरीकरण मे श्रमदान करने के लिए प्रेरित किया ताकि गाँव मे ज्यादा जल संचय हो सके |महिलाओ ने कार्यक्रम मे रुचिपूर्वक हिस्सा लिया सभी ने यह संकल्प लिया की पर्यावरण की रक्षा करेंगे एवं लोगो को भी इसके प्रति जागरूक करेंगे|
संस्था के द्वारा कार्यक्रम स्थल पर सोलर कूकर से खाना बना कर दिखाया गया ओर लोगों को सोलर कूकर का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया ताकि जलाऊ लकड़ी के लिए पेड़ों की कटाई कम हो सके |

ग्रामवासियों की ओर से ग्राम विकास समिति सदस्य तुकाराम कोर्राम द्वारा गाँव की मुख्य समस्याओं से मुख्य अतिथि जिला विकास प्रबंधक नाबार्ड को अवगत कराया एवं जल ग्रहण योजना अपने ग्राम में लागू करने हेतु मांग पत्र सौपा | जिला विकास प्रबंधक द्वारा ग्रामीणो की मांग पर जलग्रहण योजना के प्रस्ताव को आगे भेजने की सहमति प्रदान की | इस कार्यक्रम को सफल बनाने में ग्राम पंचायत जुन्नापानी सरपंच श्री पूनाराम सिन्हा,सामुदायिक वन संसाधन अधिकार समिति अध्यक्ष श्री हलधर खांडेकर,ग्राम प्रमुख श्री सेवाराम हिरवानी,ग्राम पटेल श्री चंद्रशेखर सुकतेल,कोटवार श्री प्रेमलाल कुलदीप समस्त ग्रामवासी एवं संस्था SIRD से सत्येंद्र कुमार सिन्हा (सामाजिक कार्यकर्ता),सौरभ दास (वाटरशेड इंजीनियर),चूमेश कुमार ( वाटरशेड कृषि विशेषज्ञ ) रोशन भुआर्य ,सृष्टि मिश्रा का योगदान रहा |
कार्यक्रम के अंतिम चरण में श्री राजेन्द्र नेताम द्वारा सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पर अपने विचार रखे और ग्रामवासियों को वन संसाधन का अधिकार प्राप्त कर वनो की अवैध कटाई को रोककर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को रोकने का प्रयास करने जागरूक किया जिससे कि हमारे आने वाली पीढ़ी को एक अच्छा वातावरण मिल सके |

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