
बालोद :-अधिवक्ता भेष साहू से मिलीजानकारी के अनुसार श्रीमती केसर ठाकुर के पति स्व चंद्रकांत ठाकुर के द्वारा अपने जीवन काल में अपनी परिवार की आर्थिक सुरक्षा के आशय से LIC की एंडोवमेंट पॉलिसी 23 फरवरी 2017 को क्रय किया था जिसकी प्रीमियम की राशि 1910 प्रतिमाह और बीमाधन 8 लाख रु थी,.. बीमा धारक की मृत्यु अचानक हृदयघात से 13 मई 2017 को हो जाने पर उसकी पत्नी के द्वारा संबंधित शाखा में बीमाधन की राशि के लिए क्लेम दावा प्रस्तुत की थी जिसे एलआईसी के द्वारा यह कहते हुए कि, उसके पति को मधुमेह की गंभीर बीमारी थी और इन्सुलिन ले कर जीवन यापन कर रहा था, उक्त गंभीर बीमारी की जानकारी को छुपा कर बीमा की पॉलिसी किया था इस कारण से बीमाधन भुगतान करने से इंकार कर दिया गया था, मृतक चंद्रकांत की पत्नी ने अपने हक पाने के लिए अधिवक्ता भेष कुमार साहू के मिलकर बीमा कंपनी को विधिक नोटिस प्रेषित किया, उसके बाद भी बीमा कंपनी द्वारा उक्त बीमाधन का भुगतान नहीं करने पर माननीय उपभोक्ता फोरम दुर्ग के न्यायालय में परिवाद पेश कर, क्षीतिपूर्ति सहित बीमाधन दिलाए जाने की मांग की थी, जिस पर विद्वान उपभोक्ता आयोग ने यह माना है कि, एलआईसी का कृत्य, उक्त पीड़ित महिला के जीवन के लिय सेवा में गंभीर कमी तथा व्यायसायिक कदाचारण की श्रेणी में आना मान कर, एलआईसी को आदेशित किया है कि मृतक की पत्नी को वह 8 लाख रु बीमाधन और आवेदन दिनांक से 7% वार्षिक ब्याज 2 लाख रु, मानसिक क्षतिपूर्ति 80 हजार रु एवं वाद व्यय के रूप में ₹5000 देने का आदेश पारित किया है
….पीड़ित महिला के परिवार और समाज के आलावा, निजी बीमा कम्पनी से परेशान लोगों के द्वारा अधिवक्ता श्री साहू को बधाई और शुभ कामनाएं दी है।
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