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आरोपी महिला को किस आधार पर जमानत दी गई ?अपराध व धारा एक तो 3 को जेल एक को बेल आखिर कैसे मिल गई

बालोद :- बालोद जिला के अंदर बढ़ते अवैध प्रार्थना सभा व धर्मान्तरण के लिए प्रलोभन के सामने अब लगातार सामने आ रहा है। वही ग्रामीण अब खुलकर ऐसे लोगो के विरोध में सामने आ रहे है। वही ऐसे कार्य करने वालो की धरपकड़ भी जारी है। जहां जिले के हिन्दू संगठन के लोग लगातार विरोध में खुलकर सामने आ रहे है। वही आमजन भी अब विरोध में खड़े दिखाई दे रहे है। 

 कई जगह ऐसे मामलों में विरोध दिखाई नही देने से गलत कार्यो को बढ़ावा देने वालो को कानून का डर नही रहता था लेकिन कुछ समय से ऐसे मामलों पर त्वरित कार्यवाही से आरोपियों में भगदड़ की स्थिति बनी है। 

 लेकिन गुंडरदेही के तिलोदा में पकड़े गए 4 आरोपियों में से 3 को जेल व एक महिला आरोपी को बेल यानी जमानत मिलने से कार्यवाही पर अनेक प्रश्न उठ खड़े हुए है। 

विहिप बजरंग दल व अन्य संगठनों के लोगो ने जमानत की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए है। कि जब पुलिस ने पूरे साक्ष्य के साथ 4 लोगो को गिरफ्तार किया प्रतिबंधित धारा में तो 3 को जेल व एक को बेल क्यों दी गई आखिर आरोपी महिला को किस आधार पर जमानत दे दिया गया । 

रविवार को देर शाम एसडीएम न्यायालय में 4 आरोपियों में से 3 को जेल भेज दिया गया वही मामले में शामिल एक महिला को जमानत दे दी गई है। इस पर विहिप व बजरंग दल संगठन ने कार्यवाही पर प्रश्न उठाया है। विहिप जिला अध्यक्ष बलराम गुप्ता ने कहा कि अपराध चाहे महिला करे या पुरुष अपराध की सजा सभी को मिलना चाहिए लेकिन एक आरोपी महिला को इसमे राहत दिया गया है। जो सही नही है। पुलिस अपराध करने वालो को पकड़कर न्यायालय में पेश कर रहा है। वही उसे जमानत भी मिल जा रहा इसकी आगे शिकायत की जाएगी ये निर्णय अपराधी को बढ़ावा देने वाला है। आरोपी चाहे महिला हो या पुरुष उसको उसके अपराध की सजा मिलना ही चाहिए ।

अशोक चंद्राकर का यह पत्र जिसमे एक लड़की का भी उल्लेख है। कि उसको धर्म परिवर्तन हेतु प्रलोभन दिया गया है। इस पर भी गम्भीरता नही दिखाया गया है।

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