
डौंडीलोहारा विधानसभा क्षेत्र के आदिवासी ब्लाक डौंडी के दो गांवों में धर्मांतरण को लेकर दो खबरें सामने आया है।
डौंडी :- गोंड समाज सर्कल बेलोदा के लिए रविवार का दिन ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण बन गया, जब आमाबाहरा निवासी रामबाई तारम ने अपनी स्वतंत्र इच्छा, आस्था और विश्वास के आधार पर दूसरे धर्म का त्याग कर पुनः अपने मूल गोंडी धर्म को अपनाया। इस अक्सर पर गोंड समाज के पदाधिकारियों एवं ग्रामीणों ने पारंपरिक गोंडी रीति रिवाजों के अनुसार उनका पैर धोकर, हार पहनाकर एवं सम्मानपूर्वक स्वागत-अभिनंदन किया गोंड समाज सर्कल बेलोदा ने सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने का दिया संदेश दिया
यह केवल एक व्यक्ति की घर वापसी नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेम, सद्भाव, सांस्कतिक पहचान और पारस्परिक सम्मान का प्रतीक है। गौड़ समाज के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि इससे उन भाई-बहनों को भी प्रेरणा मिलेगी जो किसी कारण वश अपने मूल धर्म और परंपराओं से दूर हो गए हैं। यदि समाज के लोग पुनः अपने मूल धर्म और संस्कृति में लोटना चाहते हैं तो गोंड समाज उनका खुले दिल से स्वागत और सम्मान करेगा। समाज की एकता, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को सहेजना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
दूसरी तरफ इसी ब्लाक के ग्राम मरकाटोला से भी ऐसे मामलों में शामिल लोगों पर रोक लगाने का काम किया गया है। जानकारी अनुसार ग्राम पंचायत मरकाटोला के अन्तर्गत ग्राम मरकाटोला में बलदेव राम साह् पिता बुधराम साहू ने स्वयं के भूमि मे ईसा मसीह का प्रार्थना चर्च बनाया है। जिसे ग्रामीणो को आपत्ति है क्योकि यह मरकाटोला आदिवासी ग्राम है ग्राम मरकाटोला के एवं आसपास के ग्रामीण हिन्दू धर्म वाले है। जो कि उन हिन्दुओ को लालच देकर एवं लुभावना देकर ईसा मसीह चर्च में प्रार्थना कराते है। प्रचार प्रसार करते है। आदिवासी व्यक्ति एवं अन्य वर्ग (जाति) के व्यक्ति धर्मांतरण के खेल में बढ़ते क्रम में महसूस हो रहा है। धर्म परिवर्तन करने वाले व्यक्तियों को एवं अन्य ग्राम से प्रार्थना करने वाले व्यक्तियों को ग्राम मरकाटोला के ग्रामीणों द्वारा प्रतिबंध (रोक) लगाने की बात सामने आया है।
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