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गुंडरदेही नगर के पुष्पवाटिका में न पुष्प बचा न वाटिका बची ,अध्यक्ष के पास स्वयं की निधि पर कह रही पैसों की मांग किया गया है।

गुंडरदेही cg24 आजतक

नगर के पुष्प वाटिका में पुष्प गायब और उस गार्डन में सिर्फ बचा कबाड़ कुर्सी झूला ,वाटिका क्षेत्र में लगे चार लाइट भी बंद पड़े हैं

नगर के जनप्रतिनिधि और अधिकारी शासन से मांग रहे राशि, प्रतिनिधि अपना निधि का उपयोग इस पुष्प वाटिका में किया जाए तो वाटिका का तस्वीर बदला जा सकता है, पर मामला कुर्सी का खेल पर चला गया है।

गुंडरदेही cg 24 आज तक न्यूज़ रिपोर्टर परस साहू गुंडरदेही नगर पंचायत क्षेत्र में मात्र एक पुष्प वाटिका है उसका भी अस्तित्व खोगया नगर के वार्ड नंबर 12 में स्थित पुष्प वाटिका जो नगर पंचायत उपाध्यक्ष के वार्ड में आता है आज नगर की जनसंख्या लगभग 12 हजार के है और जनगणना 2011 के अनुसार लगभग 8 हजार जनसंख्या के आसपास है पर नगर के कोई ऐसे जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी नहीं है जो अपने कार्य को जिम्मेदारी से कर सके ग्राम पंचायत से 2003 मे नगर पंचायत के दर्ज मिलने के बाद अब तक की कोई नगर की तस्वीर नहीं बदला पर नगर वासियों को शाम को टहलने एवं टाइम बिताने व मनोरंजन के कोई साधन नहीं है वैसे तो पार्षदों ने अपने निधि का खुला दुरुपयोग विगत कई सालों से करते आ रहे हैं कुछ ऐसे पार्षद है जो अपने निधि का स्वच्छता पेयजल पर खर्च करते हैं पर क्या करें ज्यादा नाम चलाने के कारण कुर्सी की सप्लाई करते हैं ।

और आज नगर में एकमात्र पुष्प वाटिका है उसका भी पुष्प गायब है सिर्फ वाटिका नाम का ही रह गया इस पूरे पुष्प वाटिका में लगे फव्वारा भी जर्जर हो चुका है गार्डन में छोटे बच्चों के लिए बदक का झूला फिसल पट्टी अपना अस्तित्व खो चुका है

पुष्प वाटिका को सवारने शासन से राशि मांगने की जरूरत भी नहीं पड़ेगा जब पार्षद अपने निधि का उपयोग इस गार्डन में कर दे।

मामले को लेकर नगर पंचायत के उपाध्यक्ष संजू सोनकर से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि मंत्री के आगमन पर पुष्प वाटिका को सवारने के लिए राशि की मांग किया गया है राशि आने के बाद पुष्प वाटिका रिपेयर एवं जीर्णोद्धार किया जाएगा

विश्राम गृह के सामने भी एक छोटा सा गार्डन है जो आज से 7 साल पहले बना था जो पूर्व में पार्षद अपने निधि को उपयोग कर रिपेयरिंग करवाया था वह भी आज अस्तित्व खत्म होते नजर आ रहा है उनका दीवाल टूटे आज 2 साल हो गया पर अब तक नगर पंचायत वहां पर दीवाल खड़े करना भी उचित नहीं समझ पा रहा है वही उस जगह पर अतिक्रमण कभी शिकार धीरे-धीरे हो रहा है,दोनों जगह के गार्डन में हरा भरा नहीं बल्कि धूल धक्कड़ घास फूस से भरा हुआ है।

नगर में एकमात्र पुष्प वाटिका है जो घना आबादी के बीच है व्यवहार न्यायालय, जनपद पंचायत ,समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ,जैसे शासकीय कार्यालयों के बीच यह पुष्प वाटिका है जहां आमजन आने जाने वाले लोग भी एक बैठने के लिए छांव एवं पीने की पानी के लिए तरसते हैं नगर में कई लाखों रुपए सीसी रोड नाली निर्माण में खर्च कर देते हैं पर नगर के पुष्प वाटिका को सवारने जनप्रतिनिधि और अधिकारी अनजान बनकर बैठे हैं गुंडरदेही नगर मैं वैसे तो हार्डिंग फ्लेक्स बैनर व सोशल मीडिया पर बड़े-बड़े नेताओं के नाम चर्चित है पर नगर में विकास के लिए सब मौन साधे बैठे हुए हैं क्योंकि निजी स्वार्थ के चलते आज नगर के विकास 10 साल पीछे चल रहा है कुछ दिन पूर्व में पानी की समस्या को लेकर लोग नगर पंचायत घेराव तक पहुंच गया था नगर की सुंदरता पर कोई ध्यान नहीं नगर की तस्वीर बदलने पर कोई ध्यान नहीं क्या यही जनप्रतिनिधि का कर्तव्य है जो नगर की सेवाओं व नगर की विकास के प्रति कोई ध्यान नहीं दे रहे।

इस पूरे मामले में नगर पंचायत के अध्यक्ष रानू हेमंत सोनकर का कहना है नगर पंचायत में भी फंड की कमी है बहुत जल्द उस पुष्प वाटिका को नए सिरे से झूला कुर्सी फव्वारा हरा भरा गार्डनिंग रंग रोगन किया जाएगा

पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष कोमल सोनकर के कार्यकाल में उस गार्डन पर एक नगर पंचायत की कर्मचारी कार्यरत था जो गार्डन में पानी डालते थे मनोरंजन करने आने वाले लोगों के लिए बैठने की व्यवस्था करता था रोज साफ-सफाई होता था था पर अब वह धीरे-धीरे उसके अस्तित्व खत्म होते जा रहा है आखिर जनप्रतिनिधि और अधिकारी इस पर पहल क्यों नहीं किया जा सकता आखिर इसकी बजट क्यों तैयार नहीं होता आखिर इसके लिए सरकार से राशि क्यों नहीं आता नगर में कोई शिक्षित व्यापारी शासकीय कर्मचारी जैसे लोग शाम को परिवार के साथ मनोरंजन करने के लिए भी तरस जाते हैं मजबूरन शाम को लोग रेलवे किनारे रेलवे स्टेशन जाकर अपना समय बिताते हैं।

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