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दल्ली राजहरा पालिका उपाध्यक्ष के बड़े पिताजी नागपुर कोविड सेंटर से लापता,परिजन 19 दिनों से शहर के अस्पतालों का लगा रहे चक्कर

बालोद विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा से परिजनों की गुहार की इस मामले में आगे आकर करे मदद जिससे एक परिवार के बुजुर्ग को ढूढने में मिले मदद और हो मामले का खुलासा

संतोष देवांगन ने कहा कि यह मेयो अस्पताल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही है। कि वार्ड में भर्ती संक्रमित मरीज एक हप्ते के अंदर अस्पताल से लापता है। और जिम्मेदार डॉक्टर परिजनों को ग़ुमराह कर रहे। संतोष देवांगन ने इस मामले में किसी अनहोनी घटना से इंकार नही किया कि आखिर मरीज के साथ कुछ किया गया तो नही होगा

बालोद cg24 आजतक न्यूज़ :- दल्ली राजहरा के नगर पालिका उपाध्यक्ष संतोष देवांगन के बड़े पिताजी भुखन लाल हेडउ उम्र 68 वर्ष को कोविड संक्रमण के चलते नागपुर के मेयो कोविड सेंटर अस्पताल में उनके लड़के सुनील हेडउ ने 1 अप्रैल को भर्ती कराया था तथा सेंटर के वार्ड 18 में उनको अस्पताल प्रबंधन ने भर्ती किया था व इलाज चल रहा था लेकिन एक हप्ते के अंदर 9 तारीख को जब परिजन मिलने पहुंचे तो भर्ती भुखन लाल सेंटर से लापता मिले इस वाकया से घबराए बेटे ने जब अस्पताल के जिम्मेदार डॉक्टरों से पूछा तो उनका कहना था कि आपके पिताजी को दूसरे अस्पताल इंदिरा गांधी रुग्णालय शंकर नगर नागपुर में भेजा गया है। मगर वो वहां भी नही मिले इस तरह घबराए व मजबूर परिजन नागपुर शहर के लगभग 4 से 5 कोविड सेंटर व अस्पतालों की खाक छानते रहे अपने पिताजी को ढूढते रहे पर वो नही मिले

मामले की जानकारी देते परिजन

लापता मरीज भुखन लाल हेडउ छत्तीसगड़ के बालोद जिला के ग्राम हथौध ( करहीभदर ) के रहने वाले है। जो बहुत पहले कामकाज की तलाश में पलायन कर नागपुर चले गए और वही बस गए है।

परिजनों का आरोप :- संक्रमित मरीज के बेटे सुनील हेडउ ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही बरतने का बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि 1 तारीख से लेकर 7 तारीख तक मेरे पिताजी वहां थे व मुझसे घर से कुछ सामान भी मंगवाए थे लेकिन 9 तारीख को जब में फिर अस्पताल गया तो मेरे पिताजी वहां से गायब थे।

परिजन बेटा सुनील हेडउ

प्रबंधन करता रहा गुमराह :- परिजनों का कहना है। कि संक्रमित के कोविड सेंटर में नही मिलने से हमारे द्वारा पूछताछ करने पर अस्पताल जे डॉ ( शेंडे व ठाकुर ) ने कहा कि दूसरे हॉस्पिटल में भेज दिए है। पर हमने शहर के कई अस्पतालों में जाकर देखा लेकिन पिताजी कही नही मिले

प्रबंधन ने कहा अस्पताल में नही रुक सकते :- इस मामले पर मरीज को भर्ती कराते समय परिजनों ने कहा कि हम भी यही देखरेख के लिये रुकते है। तो कर्मचारियों ने रुकने से मना किया व कहा कि कोविड मरीजो जे साथ नही रुकना है। आप घर जाओ

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