बालोद/ डौंडीलोहारा cg24 आजतक न्यूज़ :- शिवसेना जिला सचिव हर्षवीर कसार ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बेबाकी से बात करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ की नीत कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी की सोच प्रदेश में संचालित निजी शिक्षण संस्थाओं के फीस वृद्धि को लेकर संजीदा अर्थात उचित नहीं है! कोरोना काल के साए में लगभग सवा साल से आम जनता आर्थिक तंगी के कारण आहत हुई है जिससे शिक्षण शुल्क जमा करने में पालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है किसी तरह 70 फ़ीसदी पालकों ने शिक्षण संस्थाओं के दबाव में आकर अपने बच्चों के भविष्य को देखते हुए एन केन प्रकारेण फीस जमा किया उसके बाद भी आज पर्यंत तक बहुत से पालकों ने फीस जमा नहीं किया है बहुत से लोगों ने अपने बच्चों की टीसी भी ले ली है जो कि जगजाहिर है मुख्यमंत्री महोदय से पिछले सत्र मे शिवसेना ने फीस माफ करने ज्ञापन भी सौंपा था साथ ही साथ प्रदेश स्तर पर भी विभिन्न संगठनो ने आवाज बुलंद की थी किंतु महोदय के कान पर जूं तक नहीं रेंगी इसी वजह से निजी शिक्षण संस्थाओं ने कोरोनाकाल में निरर्थक और औचित्यहीन ऑनलाइन शिक्षा के बहाने से पालकों से वसूली कर आहत करने का काम किया छात्र गण प्रोन्नत होकर जनरल प्रमोशन के माध्यम से अगली कक्षा में पहुंच गए जिसका कोई अर्थ ही नहीं है पिछला सत्र तो ऑनलाइन शिक्षा अर्थात बिना पढ़ाई के ही गुजर गया जो कि उचित नही था जो हो गया सो हो गया किंतु वर्तमान सत्र में कोरोना के भयावह प्रकोप को ध्यान में रखते हुए शिक्षण सत्र 2021-22 में ऑनलाइन पढ़ाई को शिक्षण संस्थाओं की आय का जरिया बनाने से रोका जाना चाहिए जिससे छात्र छात्राओं और पालकों को आर्थिक रूप से आहत ना होना पड़े प्रदेश की शिक्षा विभाग के जिम्मेदार लोग कोरोनाकाल मे भीकुंभकर्णी निद्रा के शिकार हैं तभी प्रदेश के एजुकेशन हब कहलाने वाले दुर्ग भिलाई में आपातकाल में भी शिक्षण संस्थाओं द्वारा फीस में वृद्धि की जा रही है वह भी लगभग 15 से 20% की जो कि निंदनीय है ऐसा लगता है कि शिक्षण संस्थाएं कोरोनाकाल का ग़लत फायदा ले रही हैं तभी तो दुर्ग भिलाई के बड़े और नामी गिरामी संस्थाओं में नए फी स्ट्रक्चर टंगे देखें जा सकते हैं जो कि इस आपात काल में भी किसी भी शर्त पर जायज नहीं है जिम्मेदार बड़े अधिकारी भी निजी शिक्षण संस्थाओं को सपोर्ट करते नजर आते हैं तभी तो दुर्ग भिलाई में ऑफलाइन परीक्षा लेकर छात्र-छात्राओं को जोखिम में डालकर खिलवाड़ किया गया शिवसेना नेता हर्षवीर कसार ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी को ध्यान दिलाते हुए अनुरोध किया है कि वर्तमान शिक्षण सत्र 2021-22 में निजी संस्थाओं पर नकेल कस लगाम लगाएं और ऑनलाइन शिक्षा पर रोक लगाते हुए उचित निर्णय लेकर वर्तमान शिक्षण सत्र को शुन्य घोषित कर छात्र हितों की रक्षा करें जब तक की सभी विद्यार्थियों का वैक्सीनेशन ना हो जाए
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