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जनोपयोगी लोक अदालत की स्थापना छत्तीसगढ़ के 5 संभाग मुख्यालय बिलासपुर , रायपुर, दुर्ग , जगदलपुर एवं अंबिकापुर में की गई

Cg24आजतक न्यूज :- बालोद. राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण 1987 की धारा 22 बी के अंतर्गत जनोपयोगी लोक अदालत की स्थापना छत्तीसगढ़ के 5 संभाग मुख्यालय बिलासपुर , रायपुर, दुर्ग , जगदलपुर एवं अंबिकापुर में की गई है । इस लोक अदालत में जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित प्रकरण जैसे – परिवहन, डाक ,फोन , बिजली , पानी , प्रकाश, स्वच्छता, अस्पताल, बीमा , बैंकिंग अन्य वित्तीय संस्थाएं इंधन आपूर्ति , शिक्षा एवं शिक्षण संस्थाएं आवास एवं भू संपदा से संबंधित प्रकरणों पर सुनवाई की जाएगी। देखा गया है कि उपरोक्त सेवाओं में कमी के कारण पीड़ित पक्षकार संबंधित संस्थानों में चक्कर काटते रहते हैं जहां पर उनकी सुनवाई नहीं होती है और थक हार कर असुविधाओ के बीच में रहने को मजबूर होते हैं इन सेवाओं के लिए गठित उपरोक्त लोक अदालतों को सशक्त एवं प्रभावी किए जाने का आदेश माननीय कार्यपालक अध्यक्ष महोदय, न्यायमूर्ति श्री प्रशांत कुमार मिश्रा द्वारा जारी किए गए हैं अपने जिले में संबंधित संभागीय मुख्यालय में स्थापित जनोपयोगी लोक अदालत में उपरोक्त संस्थाओं के खिलाफ आवेदन बिना किसी न्यायालय में प्रस्तुत कर सकते हैं । आवेदन का प्रारूप राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के वेबसाइट में अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जनोपयोगी लोक अदालत से प्राप्त किया जा सकता है ।जो आवेदक सक्षम नहीं है उन्हें आवेदन प्रस्तुत करने हेतु यथासंभव मदद भी उक्त कार्यालय से प्रदान किए जाने के आदेश भी पारित किया गए हैं । जनोपयोगी लोक अदालत में प्रस्तुत आवेदन प्रथम तथा आपसी राजीनामे/ समझौते के माध्यम से निराकृत किए जाने का प्रयास किया जाएगा। जब किसी नतीजे पर नहीं पहुंचते हैं तथा विवाद किसी अपराध से संबंधित नहीं है तो स्थाई लोक अदालत गुणों के आधार पर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 की धारा 22 सी (8 ) के अंतर्गत आदेश पारित कर दिया जावेगा। इस तरह पीड़ित पक्षकार को शीघ्र एवं संस्था न्याय प्राप्त हो सकेगा।

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