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जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों के साथ मिलकर ठेकेदार कर रहा आदिवासी ब्लाक के विकास के साथ खेल,नहर लाइनिंग कार्य मे कर रहा अनियमितता

डौण्डी से ओम गोलछा की रिपोर्ट

cg24 आजतक न्यूज :- करोड़ो के कार्य वह भी किसी मशीनरी के बिना महज चंद मजदूरों के बल पे कैसे होगा सिंचाई विभाग द्वारा आदिवासी ब्लॉक मुख्यालय डोण्डी में बनाई जा रही सिंचाई परियोजना निर्माण के अंडी बहरा जलाश्य से नहर लाइनिंग निर्माण कार्य में ठेकेदार मेसर्स श्री रानी सती ग्रेनाइट कंपनी स्टेशन रोड मनेन्द्रगढ़ जिला कोरिया द्वारा विभाग के इंजिनियरों के माध्यम से अनियमितता का खेल खेला जा रहा है। जानकारी में बताया गया है कि शासन से स्वीकृति के बाद लगभग 1 करोड़ 47 लाख रुपए की लागत से बांध से लगे मुख्य नहर आर.डी .0 मी . से 3240 मी . , माईनर नहर आर . डी . मी . से 2600 मी . तक रिमाडलिंग एवं लाईनिंग कार्य तथा 01 नग हेड रेग्युलेटर , 02 नग केनाल साइफन , 15 नग फाल 01 नग फाल कम व्ही . आर . बी . 04 नग व्ही . आर . बी . का निर्माण कार्य एवं 30 नग कुलाबा फिक्सिंग कार्य नहर का निर्माण ठेकेदार मेसर्स श्री रानी सती ग्रेनाइट कंपनी स्टेशन रोड मनेन्द्रगढ़ जिला कोरिया के माध्यम से फरवरी वर्ष 2021 से कराया जा रहा है। बताया गया है कि शासन द्वारा इस परियोजना के निर्माण की स्वीकृति देने के बाद विभाग द्वारा टेंडर कराया गया और इसके बाद निर्माण कार्य शुरू कराया गया है। अचरज की बात तो यह है कि ठेकेदार मेसर्स श्री रानी सती ग्रेनाइट कंपनी स्टेशन रोड मनेन्द्रगढ़ जिला कोरिया
द्वारा निर्माण कार्य तो शुरू करा दिया गया, परन्तु टेंडर अवधि खत्म होने के बाद भी कार्य महज 10 प्रतिशत ही हो पाया है।
नहर निर्माण कार्य में लीपापोती-
सिंचाई परियोजना के नहर निर्माण कार्य में ठेकेदार मेसर्स श्री रानी सती ग्रेनाइट कंपनी स्टेशन रोड मनेन्द्रगढ़ जिला कोरिया द्वारा मनमानी और लीपापोती की जा रही है। बताया गया है कि 3200 मीटर लंबी दूरी की नहर में ठेकेदार द्वारा नहर में बिना पिचिंग और लाइनिंग कराए सीमेंट का लेप लगाया जा रहा है। जबकि ठेकेदार को 2 इंच गिट्टी और 1:3:6के रेसियो से मशाले का उपयोग कर नहर निर्माण कराया जाना था, लेकिन मौके पर ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य मनमानी बिना किसी इंजिनियर की देखरेख में कराया जा रहा है। ऐसे में निर्माण के बाद नहर की हालत क्या होगी इसका अंदाजा स्वयं ही लगाया जा सकता है। बताया गया है कि उक्त निर्माण कार्य में लेट लतीफी के कारण अधिकारियों ने उसके निर्माण की समय सीमा बढ़ाते हुए मार्च 2022 कर दी गई है। परन्तु फिर भी निर्माण एजेंसी द्वारा मापदंडों को कर रहे दरकिनारः सिंचाई माइनर नहर बनाई जा रही है जिसकी गति बहुत धीमी है। नहर का निर्माण कंपनी मेसर्स श्री रानी सती ग्रेनाइट कंपनी स्टेशन रोड मनेन्द्रगढ़ जिला कोरिया द्वारा कराया जा रहा है। कंपनी ने पेटी ठेकेदारों को नहर निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी दी है। जो कि मापदंडों को दरकिनार कर निर्माण एजेंसी व पेटी ठेकेदार घटिया नहर बना रहा है। नहर के बेड का कंक्रीट पैर रखते ही जमीन में धस रहा हैं, तो वहीं किनारे लगा कंक्रीट व सीमेंट उखड़ कर पानी के साथ बह रहा है। नहर की हालत देखते ऐसा प्रतीत होता है, जैसे कीचड़ पर कंक्रीट की लेयर बिछा दी गई है। निर्माण कार्य के दौरान भी क्षेत्र के किसानों द्वारा विरोध कर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को गुणवत्तायुक्त काम कराने कहा था लेकिन इस पर तकनीकी अमले ने ध्यान नहीं दिया। इसका फायदा उठाकर ठेकेदार मनमाने तरीके से घटिया निर्माण करवा रहा है।कुछ दिनों अस्तित्व खो देगी नहरः किसानों का कहना है कि कुछ दिनों बाद घटिया नहर अपना अस्तित्व खो देगी। ऐसे में भविष्य में सिंचाई के लिए किसानों को परेशान होना पड़ेगा। नगर के जन भागीदारी अध्यक्ष सुरेश बाघमार ने बताया कि नहर के घटिया निर्माण की शिकायत पहले भी जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अधिकारी व मंत्री से की गई है। लेकिन सुधार नहीं हुआ है। पेटी ठेकेदार नहर का निर्माण कर रहा है। पहली बार नहर में पानी शुरू होते ही सीमेंट कंक्रीट बहने लगेगा। तेज पानी आएगा तो नहर पूरी तरह से तहस-नहस हो जाएगी। क्षेत्र के किसानों को पानी के लिए फिर परेशानी उठानी पड़ेगी। क्षेत्रीय किसानों ने कलेक्टर से निर्माण कार्य की जांच करने की की मांग की है।कम रेट पर ठेके का हवालाः घटिया निर्माण में निर्माण एजेंसी द्वारा कम रेट पर निर्माण का ठेका लेने का हवाला दिया जाता है। प्रतिस्पर्धा के चलते ठेकेदार कंपनियां कम दाम पर निर्माण कार्य का ठेका ले लेती है। बाद में मापदंडों को दरकिनार कर घटिया निर्माण के जरिए खर्चे को कम करने की कोशिश की जाती है। इसका खामियाजा बाद में किसानों को भुगतान पड़ता है।


जल संसाधन विभाग के ई ई चंद्राकर का कहना हैं कि नहर निर्माण करवा रही कंपनी को साफ हिदायत दे दी गई है। गुणवत्ता में समझौता नहीं किया जाएगा। घटिया व टूटी फूटी नहर दोबारा बनाने के निर्देश ठेकेदार कंपनी को दे दिए गए है। जहां भी समस्या आ रही हैं, उसका निराकरण किया जा रहा है। मैं स्वयं निर्माण कार्य मौके पर जाकर देखूंगा।नहर निर्माण मामले की जांच कराई जाएगी, मैं स्वयं निरीक्षण करुंगा और अगर निर्माण में अनियतितता पाई गई तो ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

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