
ओम गोलछा डौण्डी की खबर
डोण्डी:-शासकीय आयुर्वेदिक औषधलय डोण्डी डॉक्टर के बिना बीमार चल रहा है। यहां इलाज कराने आए मरीजों को डॉक्टर के दर्शन दुर्लभ होते हैं। रोगियों की सहायता व उपचार यहां भगवान भरोसे है।
आदिवासी ब्लॉक मुखयालय डोण्डी में स्थित शासकीय आयुर्वेदिक अस्पताल में नगरीय मरीजों के साथ-साथ पड़ोसी ग्रामों से बीमार लोग आयुर्वेदिक औषधलय में इस उम्मीद के साथ पहुंचते हैं कि शायद धरती पर भगवान कहे जाने वाले डॉक्टर साहब उन्हें ठीक कर दें, मगर मरीज इस बिना चिकित्सक वाले औषधलय से निराश होकर लौटने को मजबूर हैं। लोग अपना और अपने परिजनों का इलाज कराने अन्य शहर की ओर भाग रहे हैं। आयुर्वेदिक औषधालय में एक चिकित्सकों समेत 05 पद सृजित किए गए हैं जिसके सापेक्ष एक फार्मासिस्ट समेत 2 कर्मचारियों की तैनाती पर बिना डॉक्टर के औषधलय बीमारी से कराह रहा है। बताते चलें कि इस औषधलय में एक प्रभारी डॉक्टर सप्ताह में एक रोज आते है अगर कहि शिविर लग जाती है तो वे उस दिन भी नही आते।इस औषधलय में एक फार्मासिस्ट के सहारे व्यवस्थाएं संचालित की जा रही हैं। पहले यहां डॉक्टर की तैनात थे तब प्रतिदिन 50 से 60 मरीज इलाज को आते थे, लेकिन पिछले वर्ष से डॉक्टर की सेवानिवृत्त होने से औषधलय खुद बीमारी की मार झेल रहा है। डॉक्टरों की कमी के कारण सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। औषधलय में बिना डॉक्टर के इलाज नही होने के कारण यहां आने वाले मरीज झोला छाप डॉक्टरों के पास जाने को मजबूर हैं क्योंकि अब यहां अब एक भी चिकित्सक नहीं है। मात्र एक फार्मासिस्ट और एक औषधलय सेवक ही कार्य कर रहे है। अस्पताल में तैनात फार्मासिस्ट एल्मा टोपो ने बताया कि अस्पताल में चमेली हरदेल औषधलय सेवक के साथ हम मरीजो को सेवा दे रहे हैं।सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक नियमित सेवा देते हैं बाकी समय ताला लगा कर घर चले जाते हैं । डॉक्टर की कमी होने की उच्च अधिकारियों को जानकारी दी जा चुकी है, बावजूद इसके समस्या का निस्तारण नहीं हो पा रहा है।
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