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पल्स पोलियो अभियान में स्वयंसेवकों ने दी अपनी सेवाएं


सी जी 24 आज तक बालोद
0 से 5 वर्षों के नन्हे-मुन्ने बच्चों को आज ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के आंगनबाड़ी ,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में जिंदगी के दो बूंद पल्स पोलियो की खुराक पिलाई गई जिसमें शासकीय एकलव्य महाविद्यालय डौंडीलोहारा के स्वयंसेवकों ने भी अपनी सेवाएं दी
पोलियो एक संक्रामक रोग है जो पोलियो विषाणु मुख्यतः छोटे बच्चों में होता है क्योंकि बच्चों में पोलियो के विषाणु से लड़ने किसी प्रकार की प्रतिरोधक क्षमता नहीं होती इस कारण यह सिर्फ बच्चों में होता है यह बीमारी बच्चों के किसी भी अंग को जिंदगी भर के लिए कमजोर कर देती है पोलियो लाइलाज है क्योंकि इसका लकवा ठीक नहीं हो सकता और सुरक्षा ही इस बीमारी का एकमात्र उपाय है पोलियो के विषाणु के विरुद्ध प्रतिरोधक क्षमता उत्पन्न करने के लिए नियमित टीकाकरण सभी गर्भवती महिलाओं को तथा जन्म के बाद नवजात शिशुओं को अति आवश्यक है तथा 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाने पर ही बच्चों के शरीर में पोलियो से लड़ने के लिए प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी और इस विषाणु का खात्मा होगा हमारे देश के प्रत्येक बच्चे को पोलियो ड्रॉप पिलाने का लक्ष्य पूरा हो सके मनीषा राणा ने बताया की राष्ट्रीय सेवा योजना यूनिसेफ और रेड क्रॉस के तत्वधान में शासकीय एकलव्य महाविद्यालय डौंडीलोहारा जिला बालोद के राष्ट्रीय सेवा योजना स्वयंसेवकों द्वारा नर्स,आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मितानिन का पल्स पोलियो अभियान में सहयोग प्रदान कि

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