

Cg 24 आजतक
रिपोर्टर, बोधन भट्ट बालोद
ज्यादातर ग्रामीण अंचल क्षेत्रों में निवास करने वाले लोगों का मुख्य कार्य कृषि है खेत और खलिहान में पसीना बहाने वाले किसानो को समय पर खाद बीज नहीं मिल पाने से अन्नदाता काफी परेशान हैं। मेहनतकश किसानों को खरीफ सीजन की फसल उत्पादन हेतू सरकार, डी,ए, पी , और रासायनिक खाद नहीं मिल पा रही हैं आप को बता दे बालोद जिला में कुल ,122 सरकारी समितिया हैं जिसमें 1 लाख 55 हजार 830 पंजीकृत किसान हैं इस साल कृषि विभाग के द्वारा 1,69,290 धान बुवाई का लक्ष्य रखा गया है
60, 900 सौ मीट्रिक टन खाद की डिमांड थी 3600 मी, टन भंडारण हो चुका है जिसमें से 30 हजार 709 खाद का वितरण अब तक सोसायटीओं द्वारा किया का चुका है
भारत के अंदर देश के ज्यादातर किसान खरीफ फसल के दौरान धान की खेती करते हैं इसीलिए छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा के नाम से जाना व पहचाना जाता है , जंहा पर रासायनिक खाद की कमी के चलते राज्य भर के किसान चिंतित हैं।खरीफ 2022 के लिए कुल 13.70 लाख टन का अनुमोदन भारत सरकार द्वारा दिया गया है,इसमें से यूरिया 6.50 लाख टन, डीएपी 03 लाख टन, पोटाश 80 हजार टन, एनपीके 1.10 लाख टन और सुपरफास्फेट 2.30 लाख टन है। माह अप्रैल और मई 2022 में राज्य को यूरिया की कुल आपूर्ति 3.29 लाख टन होनी थी, लेकिन केवल 2.20 लाख टन यूरिया ही प्राप्त हुआ है यूरिया के वितरण का संपूर्ण नियंत्रण भारत सरकार के उर्वरक मंत्रालय द्वारा किया जाता है यूरिया की उपलब्धता खरीफ के लक्ष्य के विरुद्ध 62 प्रतिशत है, राज्य में एनपीके की उपलब्धता खरीफ के लक्ष्य के विरुद्ध 30 प्रतिशत, डीएपी की उपलब्धता 39 प्रतिशत, पोटाश की उपलब्धता 35 प्रतिशत है आगामी दिनों में केंद्र से समय पर उर्वरक न मिलने पर इनकी कमी हो सकती है, जिसके चलते राज्य में खरीफ फसल की उत्पादन क्षमता पर प्रभाव डाल सकता है यूरिया के अतिरिक्त अन्य सभी उर्वरक अधिकांशतः आयतित सामग्री पर आधारित हैं।
नागेश्वर लाल पांडे उपसंचालक कृषि विभाग बालोद
कुछ सोसाइटी में डीएपी खाद की कमी बताई जा रही है उनको भी जल्द पूरी कर दी जाएगी कोई दुकानदार या कृषि केंद्र मेंअधिक दाम पर खाद बीज का विक्रय करते पाए जाने पर शिकायत के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी
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