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गायत्री प्रज्ञा पीठ कुसुमकसा बाल संस्कार शाला का शुभारंभ,मानव से महामानव बनाने की शाला बाल संस्कार शाला -संजय बैस

गायत्री प्रज्ञा पीठ कुसुमकसा में बाल संस्कार शाला शुभारंभ गायत्री महामंत्र का उच्चारण कर एवं मां गायत्री ,परम पूज्य गुरुदेव ,वंदनीय माताजी की पूजा अर्चना की गई। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे डौंडी ब्लाक जनपद सदस्य श्रीमान संजय बैस जी, साथ में गायत्री परिवार के परिजन श्री नंदकिशोर पिस्दा,श्री टीकम लाल साहू श्री जीवन लाल साहू , विशेष रूप से उपस्थित थे बाल संस्कार शाला में आज 25 बच्चों का पंजीयन किया गया। बच्चों का तिलक लगाकर मिष्ठान खिलाकर ,कॉपी ,पेन देकर ,कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया मुख्य अतिथि ने अपने उद्बोधन में बाल संस्कार शाला को मानव से महामानव बनाने की शाला बताया साथ ही उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार बच्चों में नैतिक शिक्षा डालने की जो कार्य किया जा रहा है वह बहुत ही सराहनीय कार्य है आज के इस बदलते परिवेश में समय निकालकर बच्चों को संस्कारवान बनाना यज्ञ करने के समान है और यज्ञ की भागीदारी हमारे ग्राम कुसुमकासा गायत्री परिवार के द्वारा किया जा रहा है जो हमारे गांव के लिए गौरव की बात है आदर्श समाज की स्थापना संस्कार से ही शुरू हो सकती है और संस्कार जन्म से ही डाला जा सकता है गायत्री परिवार के साधक श्री नंदकिशोर पिस्दा ने कहा की शिक्षा से पहले संस्कार की आवश्यकता है युग निर्माण करना है और समाज को नई दिशा प्रदान करना है तो बच्चों को घरों से ही संस्कार देना शुरू कीजिए ।बच्चे बड़े होने पर संस्कार देना मुश्किल हो जाता है इसलिए बाल्यावस्था से ही संस्कार का बीज बोना अति आवश्यक है कार्यक्रम में टीकम लाल साहू, और जीवन लाल साहू ने भी संस्कारशाला को नई पीढ़ी नई चेतना प्रदान करने की दिशा बताया। और अंत में पूजा अर्चना कर शांति पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया

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