google.com, pub-8616032207403459, DIRECT, f08c47fec0942fa0

गिधवा के कोटवार की मनमानी से ग्रामीण त्रस्त
बिना अनुमति के काटे डाले हरे-भरे वृक्ष, ग्रामीणों ने कलेक्टर से की शिकायत

विवेक वैष्णव देवरी की खबर

गिधवा के कोटवार की मनमानी से ग्रामीण त्रस्त
बिना अनुमति के काटे डाले हरे-भरे वृक्ष, ग्रामीणों ने कलेक्टर से की शिकायत

  • गांव में कोटवार की भूमिका ग्राम की सुरक्षा व गांव में सूचनाओं को लोगों तक पहुचाना होता है साथ ही गांव प्रत्येक नागरिकों तक शासकीय सूचनाओं आदि का तामिली करना, अपराध रोकने में पुलिस की मदद करना होता है। लेकिन कोटवार ही मनमानी पर उतर आए तो उस गांव का क्या होगा। ऐसा ही कुछ मामला ग्राम गिधवा का है जहां गांव के कोटवार टेकराम देवांगन के मनमानी के खिलाफ लामबंद हो गए हैं ग्रामीण धिराज साहू, सरपंच विजय कुंजाम, तामेश्वर साहू, पालूराम, नारायण कुमार , भूखन लाल, सुखचंद सहित 100 से भी अधिक ग्रामीणों ने हस्ताक्षर कर कलेक्टर बालोद, एसडीएम, विधायक सहित तहसीलदार से शिकायत की है कि कोटवार को मिले सेवा भूमि से बिना अनुमति हरे-भरे 15 वृक्षों की कटाई कर चलाकी से ठुंठ को मिट्टी में दबा दिया तथा कुछ को जला भी दिया और लकड़ियों को बेंच दिया। शिकायत पर पहुंचे पटवारी ने कुछ ही पेंड मौके पर दर्शा दिया, ग्रामीणों ने यह भी कहा की है कि पटवारी के साथ उसकी मिलीभगत है।
    इसके अतिरिक्त ग्रामीणों यह भी शिकायत की है कि गिधवा के शासकीय भूमि खसरा नं 617 रकबा 0.85 जो कि शासकीय घास भूमि थी उसे भी उसने अपने नाम दर्ज करा लिया जिसके बारे में ग्रामीणों को कोई जानकारी नहीं दी गई। इस संबध में तहसीलदार ने जांच प्रतिवेदन के लिए पटवारी हल्का नं. 1 को 7 दिवस के अंदर प्रस्तुत करने आदेशित किया है।
    ग्रामीणों ने बताया कि कोटवार द्वारा शासकीय कार्यों में मनमानी तथा ग्रामीणों से काम के एवज में पैसा मांगा जाता है जिससे कोटवार के कार्यों से ग्रामीण आक्रोशित हैं।ग्रामीणों ने कोटवार को पद मुक्त कर उससे शासकीय सेवा की भूमि से बेदखल करने की मांग की है। शिकायत के बाद ग्रामीण तहसील न्यायलय में पेशी दर पेशी भटक रहे हैं किंतु अब तक कोई कार्यवाही कोटवार पर नहीं हुई

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *