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जर्जर स्कूल भवन के छत का मलमा एवं पंखा गिरा,गंभीर दुर्घटना होने से बचे बच्चे


महासमुंद बसना वि.खण्ड आदिवासी बाहुल्य ग्राम लमकसा में जर्जर स्कूल भवन के छत का मलमा एवं पंखा गिरा,गंभीर दुर्घटना होने से बचे बच्चे।

एकंर — महासमुंद जिला के बसना ब्लाक अन्तर्गत ग्राम पंचायत कायतपाली के आश्रित गांव लमकसा के शासकीय प्राथमिक शाला में आज तकरीबन 10 बजे छात्र छात्रायें प्रार्थना कर रही थी। ठीक उसी समय स्कूल के छत का प्लास्टर एवं मलमा टूट टूट कर गिरने लगा। तथा भवन के छत में लगी पंखा भी धड़ाम से गिर गया। जिसे देखकर स्कूल में हड़कंप मच गया। जिसको देखते हुये स्कूल के प्रधानपाठक ने बच्चों को स्कूल अंदर जाने से मना कर दिया। प्लास्टर,मलमा एवं पंखा गिरने से स्कूली बच्चे डरे एवं सहमें हुए हैं।
उसके बाद तत्काल गांव में स्थित सामुदायिक भवन में बच्चों के पढ़ने के लिए व्यवस्था की गई।


लमकसा स्कूल के प्रधानपाठक चंदरसाय श्याम ने बताया कि हमने जब स्कूल की दीवार पर दरारें हो रही थी, तब शासन प्रशासन को सूचना तथा अतिरिक्त शाला कक्ष के लिए आवेदन दिया था। परंतु आज पर्यंत तक हमारे आवेदन पर कोई ध्यान नही दिया गया था। आज अगर बच्चे भवन के अंदर पढ़ रहे होते,तो कहीं न कहीं इस दुर्घटना के शिकार हो जाते।


गांव के प्रमुख बरतराम नागेस का कहना कि हमने स्कूल रिपेयरिंग व अतिरिक्त कक्ष के लिए बसना विधायक को अनेकों बार आवेदन दे चुके हैं ।जहां स्कूलों को शिक्षा का मंदिर कहा जाता है, और शिक्षा के लिए सरकार करोड़ो रूपए खर्च कर रही है। पर आज वही शिक्षा का मंदिर गिरने लगे हैं। शासन प्रशासन ध्यान न दे, तो लोग किसके पास जाकर अपनी समस्या बतायेंगे ? अगर छात्र शाला भवन के अंदर रहते, तो कहीं ना कहीं गंभीर दुर्घटना हो सकती थी रिपोर्ट जीत तिवारी महासमुन्द

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