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आदिवासी समाज से देश की पहली महिला राष्ट्रपति बनने पर पूरे देश मे उत्सव :- देवलाल ठाकुर

भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में यह स्वर्णिम अवसर है जब जनजाति वर्ग के सदस्य को राष्ट्रपति पद के लिए चुना गया है
यह पल संविधान निर्माता बाबा साहेब के समतामूलक समाज के स्वप्न के साकार होने जैसा है जैसा कि सबको विदित है कि
राष्ट्रपति चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन एनडीए की ओर से श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी को उम्मीदवार बनाया गया था जिसने आज जीत दर्ज की
द्रोपदी मुर्मू जी को जनजाति समाज से आने वाले देश की पहली महिला राष्ट्रपति होने के गौरव से सुशोभित किया

जहां पर भी हमारे आदिवासी समाज के लोग निवासरत है वहाँ उत्सव ही उत्सव है। यह जो ऐतिहासिक समय आदिवासियों के लिए आया है देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जी को आभार है कि उन्होंने हमारे आदिवासी समाज से अंतिम पंक्ति में खड़ी महिला को भारत के सर्वश्रेष्ठ पद पर नामांकित करने के बाद उन्हें जीत दिलाया ढोल नगाड़े मृदंग मांदर बजाते हुए पटाखा फोड़ते हुए अपनी खुशी का इजहार किया है इस उत्सव में आदिवासी समाज का हर व्यक्ति को शामिल है।भारतीय जनता पार्टी जो कहती है वह करती है आज आदिवासियों को आगे लाने के लिए जो कार्य भारतीय जनता पार्टी ने किया है देश में किसी अन्य दल ने नहीं किया है अब छत्तीसगढ़ की बात करें तो विगत 15 सालों में हमारे आदिवासी अंचलों में बस्तर से सरगुजा तक सारे जगह पर जो शिक्षा के क्षेत्र में कार्य हुआ पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने जो आदिवासियों के विकास के लिए उनके बच्चों की शिक्षा के प्रति ध्यान दिया जिसके कारण आज हर आदिवासी छात्र युवा छत्तीसगढ़ में निकलने वाले किसी भी नौकरियों के लिए पात्र हैं आज छत्तीसगढ़ के आदिवासी समाज से भी डाइरेक्ट आईएएस बनने लगे है आदिवासियों के आर्थिक विकास एवं उन्हें सक्षम पात्र बनाने का काम किया ताकि वह देश के किसी भी हिस्से में जाकर अपनी सेवा दे सके।

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