
लोकेशन — राजनांदगांव
रिपोर्ट के एस ठाकुर
प्रदेश के 32 मान्यता पात्र संगठनों का महासंघ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन अपनी 2 सूत्रीय मांगों को लेकर विगत 5 दिनों से हड़ताल पर बैठे हुए हैं ।आज प्रदेश भर के कर्मचारी अधिकारी अपने अपने जिले मुख्यालय पर एकत्र होंगे और सरकार के खिलाफ हल्ला बोलते हुए नारेबाजी करेंगे तथा अपनी मांगों का ज्ञापन जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री एवं राज्य शासन को सौंपेंगे ।कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के हड़ताल से 1 सप्ताह से कार्यालय ठप्प पड़ा हुआ है किसी प्रकार के कामकाज नहीं हो रहे हैं ।स्कूलों में तालाबंदी की स्थिति निर्मित हो रही है । आम जनता कार्यालय के चक्कर लगाकर परेशान हो रहा है लेकिन सरकार अभी भी बेफिक्र है ऐसा प्रतीत हो रहा है कि कर्मचारी अधिकारी के मांगों से फिलहाल सरकार को कोई सरोकार नहीं है । यही वजह है कि सरकार की ओर से कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय पदाधिकारियों को चर्चा हेतु ना तो बुलावा आया है ना ही शासन की ओर से किसी प्रकार का कोई प्रतिसाद मिल रहा है ।जिसके कारण कर्मचारी अधिकारी जो की हड़ताल पर बैठे हुए हैं उनमें रोष बढ़ता जा रहा है ।कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन जिला राजनांदगांव के संयोजक टाडेकर एवं महासचिव ब्योहरे ने चर्चा करते हुए बताया कि सरकार जिस प्रकार से कर्मचारियों के प्रति नकारात्मक भाव पैदा कर रहा है वह हड़ताल को उग्र बनाने की दिशा में रास्ता प्रशस्त कर रहा है ,यदि इस वक्त सरकार उनकी मांगों को ध्यान नहीं देती है तो अपनी उचित और जायज मांगों को लेकर आने वाले समय में फेडरेशन इससे भी बड़ा आंदोलन करने की दिशा में कठोर निर्णय के लिए बाध्य हो सकता है ।हमारी जो मांगे हैं केंद्र के समान 34 परसेंट डी ए तथा सातवें वेतनमान के अनुरूप गृह भाड़ा भत्ता प्रदान किया जाना। जबकि सरकार और शासन को इन मांगों को बहुत पहले पूरा कर देना चाहिये था ऐसा जान पड़ता है कि सरकार चाहती है कि कर्मचारी अधिकारियों को उनके अधिकारों से सुविधाओं से दूर रखा जाए वंचित रखा जाए और वे आंदोलन करते रहे अपनी मांगों को लेकर यदि आज हम सड़क पर उतरे हैं तो इसकी वजह सरकार की अपनी खुद की हठधर्मिता भी है।

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