
मार्री बंगला में देर शाम को फटाखे फोड़े गए व खुशी मनाया गया
पूर्ण तहसील की घोषणा के बाद देवरी के ग्रामीणों किया चक्काजाम
उप तहसील मार्री बंगला(देवरी) के नाम से मार्री बंगला के नाम पर हुआ विवाद

सोमवार को उप तहसील मार्री बंगला(देवरी) को मुख्यमंत्री 25 अन्य तहसीलों के साथ विडियो क्रांसफ्रेस के माध्यम से पूर्ण तहसील के रूप में उद्धाटित कर दिया। बरसों से पूर्ण तहसील की मांग क्षेत्रवासी कर रहे थे लेकिन अचानक देवरी के ग्रामीण घोषणा के बाद तहसील के नाम में मार्री बंगला को हटाने के लिए चक्काजाम कर देर शाम तक बरसते पानी में भी डटे रहे। एसडीएम डौण्डीलोहारा के अवकाश में रहने के कारण शाम को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर, एसडीएम रश्मि वर्मा, नायब तहसीलदार दीपिका देहारी, धमेन्द्र श्रीवास्तव, थानेदार अरविंद नेताम सहित आला अधिकारी ग्रामीणों से चक्काजाम हटाने का अनुरोध करते रहे काफी समझाईश के बाद एसडीएम रश्मि वर्मा के नेतृत्व में ग्रामीणों के प्रतिनिधि मण्डल से उनकी मांग को बिंदुवार दर्ज किया गया। जिसमें प्रतिनिधि मण्डल, सरपंच व ग्राम प्रमुखों ने उन्हे बताया कि पूर्व में उपतहसील भी देवरी बंगला के नाम से स्वीकृत हुआ था तथा वर्तमान में भी प्रस्ताव देवरी बंगला तहसील के नाम से गया है किंतु तहसील के नाम में कोई परिवर्तन नहीं किया गया।

मुख्यमंत्री के विरोध में लगे नारे- ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री भुपेश बघेल, विधायक कुंवर सिंह निषाद व जनपद अध्यक्ष जागृत सोनकर के खिलाफ नारे बाजी की।
दोनो गांव के प्रतिनिधियों से नहीं हो पायी कोई बात- रविवार को घोषणा के पूर्व ग्राम माार्री बंगला व देवरी बंगला के ग्रामीणों से अधिकारी स्तर पर इस मामले पर बैठक तहसील कार्यालय में बुलाई गई थी किंतु मार्री बंगला से कोई प्रतिनिधि वहां नहीं पहंुचे व इसी दौरान विधानसभा के उपाध्यक्ष मनोज मण्डावी के शोक कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि व्यस्त हो गए। सोमवार को देवरी के ग्रामीणों को पूर्ण तहसील के उद्घाटन की खबर समाचार पत्रों के माध्यम से जानकारी हुई जिसके बाद दोपहर में पूर्ण तहसील का उद्घाटन कलेक्टर कार्यालय में जनप्रतिनिधियों व कलेक्टर की उपस्थिति में मुख्यमंत्री द्वारा विडियो कान्फ्रेस के माध्यम से कर दिया गया जिसके बाद देवरी के ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया।

भेंट मुलाकात में टाला गया था तहसील की घोषणा- पिछले माह मुख्यमंत्री का प्रवास भेंटवार्ता जेवरतला में आयोजित किया गया था जहां पूर्ण तहसील की घोषणा होना था लेकिन वहां भी इसी विवाद के चलते घोषणा को टाल दिया गया था। तब भी विधायक कुंवर सिंह निषाद ने ग्रामीणों को बहुत समझाने का प्रयास किया था लेकिन बात नहीं बनी।
मार्री बंगला के ग्रामीण चाहते थे कि तहसील के नाम से मार्री बंगला न हटाया जाए क्योंकी उपतहसील के नाम में गांव का नाम जुड़ा हुआ है तथा पूर्व में उपतहसील मार्री बंगला के सरहद में बस स्टैण्ड में संचालित था नया तहसील भवन देवरी थाना के पास प्रस्ताव होने पर भी ग्रामीणों ने कार्यालय को स्थानांतरित करने का विरोध किया था तब तात्कालीन जनप्रतिनिधियों ने उसमें दोनो गांव के नाम को जुड़वा दिया थां। अब नए तहसील के उन्नयन के पश्चात भी मार्री के ग्रामीण यथास्थिति चाह रहे थे।

समाचार लिखने तक ग्रामीणों से अधिकारी चर्चा करते रहे लेकिन ग्रामीण नाम सुधारने की समयसीमा तय करने की मांग को लेकर तहसील कार्यालय के सामने रोड में डटे हुए थे। देर शाम तक पुलिस फोर्स की तैनाती पुलिस प्रशासन द्वारा कर दिया गया है जिससे कोई भी अप्रिय घटना न घटे अंत तक आला अधिकारी शांतिपूर्वक मामले को शांत करने का प्रयास कर रहे थे।

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