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नगर की शिक्षिका हर्षा देवांगन ने छेरछेरा पर्व में अन्नदान के साथ अभ्यास पुस्तिका और लेखनी का किया दान

  छत्तीसगढ़ अंचल का प्रमुख त्यौहार के छेरछेरा पर्व पर हर्षा देवांगन ने बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए किया अभ्यास पुस्तिका और लेखनी का दान।

छेरछेरा तिहार मुख्यतः छत्तीसगढ़ में मनाया जाने वाला पर्व है क्योंकि धान का कटोरा कहलाने वाला भारत का एक मात्र प्रदेश छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान प्रदेश है यहाँ पर ज्यादातर लोग किसान वर्ग के लोग निवास करते हैं कृषि ही जीवकोपार्जन का मुख्य साधन है यही वजह है कि कृषि आधारित जीवकोपार्जन एवं जीवन शैली आस्था और विश्वास ही अन्न दान करने का पर्व छेर छेरा मनाने की प्रेरणा देती है लोगों की अवधारणा है कि अन्न का दान करने से घर में सुख संमृद्ध प्राप्ति होती है घर धन धान्य से भरा रहता है।

इसी परिपेक्ष में *हर्षा देवांगन* शिक्षिका होने के नाते अन्न दान के साथ-साथ अभ्यास पुस्तिका एवं लेखनी का दान किया। क्यूंकि विगत दो वर्षो से कोरोना महामारी के चलते बच्चें पढ़ाई से दूर हो रहे थे उनमें पढ़ाई के प्रति निरसता आते जा रही थी इसलिए बच्चों में पढ़ाई के प्रति रूचि पैदा हो और पढ़ाई में मन लगा   रहे इस हेतु लेखन अभ्यास कार्य हेतु अभ्यास पुस्तिका और लेखनी बच्चों को दिया गया।

क्यूंकि दान जरुरी है लेकिन शिक्षा एक महादान है इस तारतम्य में हर्षा देवांगन ने बच्चों से कहा शिक्षा अध्ययन संबंधी कोई भी समस्या आने पर आप उसका निदान मुझसे पूछकर कर सकते हैं शिक्षा जीवन के लिए बहुत जरूरी है क्योंकि बच्चे तो नीव है जिस पर सफलता की इमारत खड़ी होगी और बच्चे सफलता के विभिन्न आयामों को प्राप्त कर पाएंगे।

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