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बालोद नगर सहित ग्रामीण अंचलों में सट्टे का कारोबार मकड़ी जाल की तरह फैल रहा कारवाई नहीं करने से बढ़ रहा काम


Cg 24 आज तक
रिपोर्टर बोधन भट्ट बालोद
बालोद जिला के दल्ली राजहरा को लौह अयस्क नगरी के नाम से जाना पहचाना जाता है । इन दिनों बालोद, गुरूर गुंडरदही ,,दल्ली राजहरा वा डौंडी थाना क्षेत्र में सट्टे के कारोबार अमरबेल की तरह फैल चुका है जिसे बालोद जिला पुलिस के लिए जड़ से उखाड़ना नामुमकिन साबित होता नजर आ रहा है। कहा जा रहा है। कि कुछ सटोरिया एवं खाई वालों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होने से इनके हौसले और बुलंद हैं नगर के चौक चौराहों व सार्वजनिक स्थानों में चर्चा का विषय है। सट्टे का कारोबार पहले की अपेक्षा अब ज्यादा बढ़ चुका है जिसमें बेरोजगार युवा वर्ग सट्टा लिखने को लेकर काफी उत्सुकत नजर आ रहे हैं। वही जिले में सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार कर्जे से परेशान होकर कुछ युवक आत्महत्या भी कर चुके हैं व कुछ आत्महत्या करने की भी कोशिश किए है जिसे उनके परिंजनो ने कर्ज को चुकता किए हैं पर अब तक पुलिस प्रशासन उन सटोरियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है।
नगर वा ग्रामीण क्षेत्र में मुख्य रूप से सटोरिया लोग सट्टा लिखने के लिए अपना अड्डा बना लिए हैं इस डिजिटल के दुनिया में मोबाइल के सहारे से भी सट्टे के कारोबार में बढ़ोतरी हो रही है।
सट्टा को लोग आज के युग में सामाजिक बुराई के नाम से जाना जाता है सट्टा खिलाने वाले का चेहरा सामने नहीं आते ये छुपे रुस्तम होते है नगर में कई लोग सट्टे के अवैध कारोबार से सनलिप्त है जिसका कल्पना भी करना मुश्किल है।
वैसे तो आपको बता दें कि बालोद जिले में नव पदस्थ पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव के पदभार ग्रहण करने के बाद कुछ अवैध कारोबार में कमी आई थी लेकिन यह धंधा खरपतवार की तरह है। कभी भी उग जा रहा है। पुलिस को इसके लिए अलग से टीम बनाकर जिले के अलग अलग स्थानों में पत्तासाजी करके धरपकड़ अभियान चलाना पड़ेगा तभी इस पर रोक संभव होगा। व पट्टी लिखने वालों के साथ साथ खाईवालों को भी पकड़ना होगा ।

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