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आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र को ना समझे भ्रष्टाचार का चारागाह:-शिवसेना


डौंडीलोहारा

शिवसेना नेता संदीप कसार ने सड़क निर्माण एजेंसी को आड़े हाथों लेते हुए बताया कि आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र डौंडीलोहारा विधानसभा को ठेकेदार और अधिकारियों ने चारागाह समझ रखा है । प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत डौंडीलोहारा से कसही – मडियाकट्टा रोड का निर्माण कार्य प्रारंभ है जिसमें ठेकेदार अधिकारियों की मिलीभगत से स्टैंडर्ड मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए निर्माण कार्य जारी है उक्त निर्माण कार्य में एस्टीमेट के अनुरूप कार्य ना करके इतने गंदे तरीके से गुणवत्ताहीन निर्माण सामग्री का उपयोग किया जा रहा है सारे नियम कायदे और शासन के दिशा निर्देश की धज्जियां उड़ाते हुए उक्त सड़क निर्माण कार्य के चौथे दर्जे के काम को देखते हुए ग्राम मढ़ियाकट्टा के ग्रामीणों ने मोर्चा संभालते हुए सैकड़ों की संख्या में विरोध दर्ज करते हुए सड़क निर्माण कार्य को रुकवा दिया ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यदि स्टीमेट और स्टैंडर्ड मानकों के अनुरूप कार्य नहीं हो रहा तो हमें ऐसा सड़क नहीं चाहिए ग्राम मढ़ियाकट्टा के ग्रामीणों के हौसले और जागरूकता की प्रशंसा करते हुए शिवसेना नेता संदीप कसार ने निर्माण एजेंसी और अधिकारियों से कहा कि मड़ियाकट्टा वासियों के हक और अधिकार को ध्यान में रखते हुए उक्त निर्माणाधीन सड़क जिसके गुणवत्ताहीन सामग्रियों के उपयोग से बिछाए गए गिट्टी और डामर जो कि स्वतः ही उखड़ जा रहे हैं जिसे ध्यान में रखते हुए उक्त सड़क को फिर से उखाड़ कर स्टैंडर्ड मानक के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण सामग्रियों का प्रयोग कर पुनर्निर्माण किया जाए वर्तमान में निर्माणाधीन सड़क का तो हाल बेहाल है सो ग्रामीणों की मंशा के अनुरूप कार्य किए जाने चाहिए उक्त सड़क निर्माण कार्य को पुनः नए सिरे से नहीं किए जाने की स्थिति में शिवसेना प्रधानमंत्री सड़क योजना कार्यालय का घेराव करेगी उक्त निर्माण कार्य को लेकर शिवसेना नेता व कुछ ग्रामीणों द्वारा कलेक्टर कुलदीप यादव से मोबाइल के माध्यम से संपर्क करने की कोशिश की गई किंतु श्री यादव द्वारा कॉल अटेंड नहीं किया गया जिससे ग्रामीणों ने रोष प्रकट करते हुए निर्माण कार्य को रोक दिया जो कि अब तलक बंद है संदीप कसार ने पुनः अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को चेतावनी स्वरूप कहा है कि वह आदिवासी अंचल को चारागाह ना समझे और अपने कार्यों को ईमानदारी से आम आदमी के हक अधिकार को ध्यान में रखते हुए निर्वहन करें

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