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मकर संक्रांति पर्व पर घोड़ाधार शिशुपाल पर्वत पर श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की भीड़ उमड़ी

सरायपाली। मकर संक्रांति पर्व पर घोड़ाधार शिशुपाल पर्वत पर श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की भीड़ उमड़ी

सरायपाली मकर संक्रांति पर्व इस वर्ष 14 व 15 जनवरी को मनाई जा रही है। घोड़ाधार शिशुपाल पर्वत जलप्रपात में लगे मेले में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ी हुई है। ज्यादातर लोग परिवार सहित शिव मंदिर में भगवान के दर्शन पूजन कर मेले का लुफ्त उठाने पहुंचे हैं। इस बार मकर संक्रांति के अवसर पर श्रद्धालुओं हजारों की संख्या में सुबह से ही लोग पर्वत पर चढ़ते रहे ।घोड़ा धार जलप्रपात के नीचे लगा मेला में पहुंचे श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए भरपेट भोजन भंडारा की व्यवस्था ग्रामीणों द्वारा की गई थी। इस दौरान सड़क के दोनों ओर दो किमी तक लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा ‌।‌‌शिशुपाल पर्वत पर स्थित शिव मंदिर में दर्शकों का तांता लगा रहा।
ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में सरायपाली से लगभग 26 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, यह खूबसूरत पहाड़ी शृंखला है जिसे बुढ़ा डोंगर भी कहा जाता है, डोंगर अर्थात्‌ पर्वत होता है। पर्वत का क्षेत्रफल 10 किमी है। इसकी सबसे ऊंची चोटी को क्षेमाखुटी कहते हैं।

शिशुपाल पर्वत के पूर्वी भाग में घोड़ाधार जलप्रपात स्थित है, जो कि एक मौसमी जलप्रपात है। यह लगभग 300 मीटर ऊंचा है।

पहाड़ी के चोटी मे महादेव जी का एक मंदिर भी है और यहाँ मकर संक्रांति और महाशिवरात्रि में भव्य मेला लगता है और पर्वत के नीचे एक महामाया देवी जी का भी मंदिर भी है, जिसके आँगन में सिंदूर पेड़ का वृक्ष है।

घोरघाट जलाशय जो कि शिशुपाल के पास ही है वहां भी मल्दामाल और पतेरापाली गांव के लोगों द्वारा मकर संक्रांति पर्व सालों से मनाया जा रहा है। इस अवसर पर विशेष पूजा पाठ का आयोजन किया जाता है।

पतंगों की दुकानों पर उमड़ी
बच्चों व युवाओं की भीड़

मकर संक्रांति के अवसर पर पतंगबाजी का आलम देखकर बनता है जाहिर है कि इस मौके पर पतंग का क्रेज सर चढ़कर बोलने लगता है कुछ ऐसा ही नजारा इस बार भी देखने को मिल रहा है शहर के विभिन्न बाजारों में सजायी गयी पतंगों की दुकाने दिनभर गुलजार दिखी शहर के पदमपुर रोड, मुख्य मार्ग बस स्टैंड , महलपारा, पतेरापाली रोड समेत अन्य जगहों पर सजी रंग बिरंगी पतंग बच्चों और युवाओं को अपनी ओर खींच रही थी इन दुकानों पर पतंग खरीदने वालों की भीड़ बता रही थी कि आज भी पतंगबाजी का क्रेज कायम है। शिशुपाल पर्वत पर लगा मेला जैसा माहौल के बीच श्रद्धालुओं के लिए
बैठकी कीर्तन का भी आनंद उठाया गया इस दौरान
पुजारीपाली अमलीपदर सहित आसपास के ग्रामीण व्यवस्था में जुटे।

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