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25 हजार पीतांबरधारी महिलाएं ऐतिहासिक कलश यात्रा में गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड में भागीदारी निभाते हुए बसना का नाम रोशन करेंगें- डॉ. संपत

रिपोर्टर – सुरेश गुप्ता जिला ब्यूरो चीफ -महासमुन्द

सेवा ही व्यक्ति, समाज, प्रदेश व देश को आगे बढ़ाता है इसमे सभी की भूमिका होनी चाहिए- पं. हिमांशु कृष्ण भारद्वाज

कथा वाचक पं. भारद्वाज का बसना आगमन पर जगह-जगह पुष्प वर्षा कर किया आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन

डॉ सम्पत अग्रवाल ने कहा आज 16 जनवरी को फिर से बसना का नाम होगा विश्व में विख्यात

बसना नगर के दशहरा मैदान में आज 16 जनवरी से शुरू हो रहे श्रीमद्भागवत कथा के कथा वाचक बुलंदशहर उत्तरप्रदेश के पं. हिमांशु कृष्ण भारद्वाज का बसना नगर आगमन हुआ। सिरको बाईपास के पास आयोजन समिति के कार्यक्रम संयोजक व नीलांचल सेवा समिति संस्थापक डॉ.संपत अग्रवाल एवं श्रद्धालुओं द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। वहां से वे एक खुली कार में सवार होकर नीलांचल भवन रवाना हुए उनके साथ आयोजक समिति हजारों सदस्य बाइक रैली से पं. हिमांशु भारद्वाज की नगर आगमन की स्वागत करते हुए उनके अगुवाई करते आगे-आगे चल रहे थे। बाइक रैली के साथ डीजे बैंड बाजा, ढोल टासा की गूंज रही।
कथा वाचक का नगर प्रवेश द्वार रायपुर बाईपास, जनपद चौक से शहीद वीरनारायण सिंह चौक पहुंचे इस दौरान पूरे सड़क मार्ग में पंडित जी का सामाजिकजनों सहित नगर व क्षेत्र की महिलाओं ने पुष्प वर्षा एवं आतिशबाजी कर स्वागत किया। इसके बाद बसना पदमपुर सड़क मार्ग होते कथा स्थल दशहरा मैदान से नीलांचल भवन पहुंचे। जहां नीलांचल सेवा समिति के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने पं. हिमांशु कृष्ण भारद्वाज का संयोजक श्री अग्रवाल के गृह नीलांचल निवास में हिंदू संस्कृति के अनुसार आरती कर अतिथियों का सत्कार किया गया। इस दौरान नीलांचल भवन में पं.हिमांशु भारद्वाज, कार्यक्रम के संयोजक डॉ. संपत अग्रवाल, धर्मजागरण विभाग राजेंद्र कुमार एवं भूतपूर्व सैनिक वेणुधर साहू का स्वागत सत्कार किया। भक्तों से पं. हिमांशु कृष्ण भारद्वाज कहा कि आप सभी का तेज बसना विधानसभा को सूर्य की भांति प्रकाशित कर रहा है। आप लोगों के सेवा का भाव लेकर जो आगे बढ़े है। निश्चित ही इसका लाभ क्षेत्र के लोगों को मिलेगा। क्योकि सेवा ही व्यक्ति को, समाज को प्रदेश को देश को आगे बढ़ाता है। सबसे बड़ा धर्म ही सेवा है। आगामी 7 दिनों तक हम सब को ऐसे भूमिका निभानी है जिस प्रकार अश्वमेधयज्ञ में भगवान श्रीकृष्ण ने उठायी थी। हर छोटे-छोटे से कार्य मे हम सबकी भूमिका होनी चाहिए। भगवान श्रीकृष्ण स्वमं बसना में कल से बस जायेगें आप सब को शुभकामनाएं। कार्यक्रम के संयोजक संपत अग्रवाल ने कहा कि भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और त्याग का मिश्रण ही श्रीमद्भागवत कथा है। माघ कृष्ण पक्ष 09 सोमवार 16 जनवरी को प्रातः 09 बजे मंगल कलश यात्रा में 25 हजार से ज्यादा पीतांबर धारी महिलाएं एवं कन्याएं मंगल मंगल कलश सिर पर धारण कर भगवान राधे-कृष्ण का गुणगान करते हुए ऐतिहासिक कलश यात्रा के गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड भागीदारी निभाते हुए बसना क्षेत्र का रोशन करेंगे। पं. हिमांशु कृष्ण भारद्वाज के सानिध्य में मंगल कलश यात्रा का शुभारंभ हाई स्कूल मैदान से होते हुए नगर भ्रमण कर कथा स्थल दशहरा मैदान पर समाप्त होगी। इस दौरान नगर के चौक, चौराहों सहित पूरे सड़क मार्ग में कलश यात्रा में शामिल रथ में भगवान श्रीकृष्ण राधा सहित महाराज एवं कलश यात्रियों का पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत कर पूजापाठ किया जावेगा। मंगल कलश यात्रा में 51 कीर्तन दल, बैंड पार्टी एवं डीजे बैंड बाजा शामिल होकर यात्रा का शोभा बढायेगें। धर्मजागरण विभाग राजेंद्र कुमार ने कहा कि भागवत कथा की महिमा ही निराली है इसमे भागवत कराने, सुनने और भाग लेने वाले को पुण्य मिलता है। बसना में होने वाले श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन निश्चित ही छत्तीसगढ़ ने इतिहास रचेगा।

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