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चेमन देशमुख के माथे जीत का तिलक,बेहतर तालमेल व सामूहिक मेहनत से पालिका व पंचायतो में कांग्रेस को दी पटखनी 

पालिका में 27 वर्ष तो नगर पंचायतो में 15 से 10 साल बाद पार्टी को मिली जीत,कई युवा चेहरों पर दांव लगाकर पार्टी थी चुनावी मैदान में सही रणनीति व फैसलों से मिली जीत

बालोद :- जिले की 2 नगर पालिकाओ व 5 नगर पंचायतों में भाजपा को मिली जीत के पीछे राजनीतिक विश्लेषक कई तरह के कयास लगा कर इस परिणाम को देख रहे है। व जीत के पीछे कई बातों का विश्लेषण भी कर रहे है। बहरहाल राजनीति में खेमेबाजी व स्वयं का महिमामंडन कोई नई बात नही कारण कुछ भी हो बालोद जिला के शहर सत्ता से इन चुनावों में भाजपा ने कांग्रेस का सुफड़ा साफ कर दिया है। 10 वर्षो से बालोद पालिका को कांग्रेस मुक्त किया है। वही लगभग 27 वर्षो बाद पहली बार लौह अयस्क नगरी दल्ली राजहरा पालिका में भी कमल खिलाया है। इस जीत के बड़े मायने है। दल्ली राजहरा में पूर्व चुनावो में छोटे अंतर से हार,बहुमत के बाद हार,खेमेबाजी,गुटबाजी के अंतर्कलह से जूझ रही पार्टी के कार्यकर्ताओं को एकता के सूत्र में पिरोकर जीत का जुनून भरना व अंततः 27 वर्षो से हारी बाजी को जितना जिला भाजपा के लिए good performance माना जायेगा बालोद पालिका में भी कमोबेश ऐसे ही हालात 10 वर्षों से बने हुए थे,शहर की राजनीति में राष्ट्रीय,प्रदेश,व राजनीतिक पैतरेबाजी में माहिर बड़े नेताओं की एक लंबी लाइन बावजूद पालिका में हार प्रदेश संगठन को रास नही आ रहा था लेकिन संगठन में बदलाव व समयचक्र के परिवर्तन ने भाजपा के सितारे जो गर्दिश में थे उनको एकाएक आसमान में छा दिया एक बड़ी जीत भाजपा के झोली में जनता ने डाल दिया है। 

सबका साथ सबका विकास मोदी फार्मूला से चुनावी राह आसान बना- चेमन देशमुख को भाजपा के जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने से कार्यकर्ता बेहद उत्साहित थे व जिले में संगठन में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ था बदले माहौल के बीच नगरीय निकाय चुनाव में नए जिला अध्यक्ष के सामने बेहतर प्रदर्शन कर पार्टी को जीताना बड़ी चुनोती थी चेमन देशमुख का लंबा राजनीतिक अनुभव व सबको साथ लेकर चलने की नीति,सामूहिक निर्णय को मान्यता, खेमेबाजी को दूर कर विजय फर्स्ट की नीति व वरिष्ठ नेताओं को चुनाव में बड़ी जिम्मेदारी देने जैसे निर्णयों ने जीत की राह को आसान बना दिया

जीत के बड़े मायने, कार्यकर्ताओं का मनोबल न टूटे:- नगरीय निकाय व पंचायतो में मिले जीत के कई मायने है। जनता ने वर्षो से काबिज कांग्रेस के नेताओ को पालिका व नगर पंचायतो से बेदखल किया व भाजपा को जीत दिलाई है। उस भरोसे व विश्वास को कायम रखने की महती जिम्मेदारी विजयी नेताओ पर है। पार्टी के एक एक कार्यकर्ताओं की मेहनत व निष्ठा से किये गए कार्य की बदौलत आज शहर सत्ता में भाजपा को काम करने का मौका मिला है। ऐसे माहौल में जीत के बाद मौका परस्त नेताओ से दूरी बनाने की बड़ी चुनौती पालिका अध्यक्षो व नगर पंचायत अध्यक्षो के सामने रहेगा। पार्टी के किसी भी कार्यकर्ता का मनोबल न टूटे यह ध्यान देना होगा।

भाजपाई एक हो तो हराना मुश्किल:- बालोद जिला की राजनीतिक भूमि में जिला के गठन के बाद यू तो विधानसभा की तीनों सीटों पर भाजपा की हार हो रहा है। व कांग्रेस लगातार चुनाव जीत रहे व जीत हार का अंतर भी काफी बड़ा है। लोकसभा चुनावों में भाजपा की जीत इन्ही क्षेत्रों में बढ़त व विधानसभा चुनावों में हार के कई कारण हो सकते है। जो चुनावी शोध का विषय बने परंतु टिका टिपण्णी आरोप प्रत्यारोप की सारी बातों को दरकिनार करके यदि हम सार बातों में पहुंचे तो इन नगरीय निकाय के आये परिणामो व कांग्रेस की बड़ी हार ने इस बात को मजबूत किया है की अगर जिले के भाजपा के सभी बड़े नेता एकसाथ,एकराय होकर चुनाव लड़े तो हारना मुश्किल है। नामुमकिन है। लेकिन लक्ष्य पार्टी first का होना चाहिए। 

बालोद जिले की राजनीति में सक्रिय राष्ट्रीय स्तर पर संगठन के लिए कार्य कर चुके यशवंत जैन जैसे प्रभावशाली नेता है। वहीं प्रदेश में पार्टी के बड़े चेहरे यज्ञदत्त शर्मा, राकेश यादव पवन साहू,केसी पवार,वीरेंद्र साहू, सरीखे जिम्मेदार पार्टी नेता है। जो पूरे जिले की राजनीति को प्रभावित करते है। हाल के चुनावों में बालोद शहर में पार्टी नेताओं के सामूहिक नृत्य करते हुए वायरल वीडियो को जिस भाजपा कार्यकर्ताओं ने देखा है। उनको बेहद ही खुशी हुई कि सभी आला नेता अगर आगे भी इसी प्रकार से एकसाथ काम करे तो शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रो में भी पार्टी नेताओं में जोश व उमंग का वातावरण बनेगा व आगामी चुनावों में फायदा मिलेगा।

त्रिस्तरीय पंचायतो में भी भाजपा की बल्ले बल्ले :- नगरीय चुनावो में परचम लहराने के बाद भाजपा बालोद जिला के पंचायत चुनावो मे भी एक बड़ी जीत की ओर बड़ गया है। जिला पंचायत चुनावों,व जनपद के आये परिणाम भाजपा के पक्ष में दिखाई दे रहे है। जो ग्रामीण सत्ता में भी काबिज होने के संकेत दे रहे है। डौंडीलोहारा जनपद पंचायत में भाजपा स्पष्ठ बहुमत के साथ अध्यक्ष व उपाध्यक्ष बनाने की ओर बढ़ गया है।वही जिला सदस्य के परिणाम में प्रभा नायक,छन्नी मानकर,तोमन साहू,तारिणी चंद्राकर,कांति सोनेश्वरी,लक्ष्मी साहू,तेजराम साहू,चंद्रिका गंजीर की जीत ने पार्टी को मजबूत किया है। जिला पंचायत में भी भाजपा का कब्जा हो गया है। नगरीय निकाय व पंचायत चुनावों में मिली बढ़त व आये नतीजे भाजपा संगठन के बेहतर कार्य के फलस्वरूप प्राप्त हुए है। 

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