
भारतमाला प्रोजेक्ट (रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर) में जमीन मुआवजा घोटाले को लेकर आज (17 मार्च 2026) छत्तीसगढ़ में एक बड़ी गिरफ्तारी हुई है।
आज निर्भय कुमार साहू (Nirbhay Kumar Sahu) को गिरफ्तार किया गया है। वे रायपुर जिले के अभनपुर में पूर्व अनुविभागीय अधिकारी (SDO) और भूमि अधिग्रहण के लिए सक्षम प्राधिकारी के रूप में कार्यरत थे।
इस मामले की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
गिरफ्तारी का विवरण
- किसने की कार्रवाई: छत्तीसगढ़ की ACB/EOW (एंटी करप्शन ब्यूरो / इकोनॉमिक ऑफेंस विंग) ने यह गिरफ्तारी की है।
- इतने समय से थे फरार: निर्भय साहू लंबे समय से फरार चल रहे थे। उनकी अग्रिम जमानत याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने भी खारिज कर दिया था, जिसके बाद आज उन्हें गिरफ्तार कर रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें 30 मार्च 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला?
- फर्जीवाड़ा: आरोप है कि रायपुर-विशाखापत्तनम और दुर्ग बायपास सड़कों के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी की गई। जमीन के टुकड़ों को फर्जी तरीके से बांटकर (Sub-division) वास्तविक हक से कई गुना अधिक मुआवजा बांट दिया गया।
- सरकारी घाटा: जांच के अनुसार, इससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। यहाँ तक कि नायकबांधा जलाशय की पहले से अधिग्रहित जमीन को दोबारा अधिग्रहित दिखाकर फिर से मुआवजा दिया गया।
- अन्य गिरफ्तारियां: इसी मामले में पिछले महीने (फरवरी 2026) डिप्टी कलेक्टर शशिकांत कुर्रे और तहसीलदार लखेश्वर प्रसाद किरण को भी गिरफ्तार किया गया था।
ताजा अपडेट
सिर्फ गिरफ्तारियां ही नहीं, कल (16 मार्च 2026) ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी इस घोटाले से जुड़ी ₹23.35 करोड़ की चल और अचल संपत्तियों को कुर्क (Attach) किया है। इसमें भू-माफिया हरमीत सिंह खनूजा और अन्य सहयोगियों की संलिप्तता भी सामने आई है।
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