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अनुविभागीय अधिकारी के समक्ष पहुचा सामुदायिक भवन आबंटन का मामला

मुख्यनगर पालिका अधिकारी मनीष गायकवाड़ को मोबाइल पर पार्षदों के शिकायत की जानकारी देते हुए नियमावली सहित उपस्थित होने निर्देश

cg24 आजतक

डौंडीलोहारा — नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 11 में नया बस स्टैंड के पीछे गौठान के पास निर्मित सामुदायिक भवन को नगर पंचायत द्वारा पी .आई .सी .में प्रस्ताव लेकर नगर से बाहर निवास करने वाले एक व्यवसायी को नियम विरुद्ध देने का मामला आज स्थानीय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ऋषिकेश तिवारी के समक्ष पहुचा ।
नगर पंचायत के पार्षदगण सुभद्रा टांडेकर , माया जयेश ठाकुर ,दशोदा भुआर्य,रहिमत कोशमा, नारायण सिन्हा, मनी बघेल, तथा संदीप लोढा सांसद प्रतिनिधि ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को पत्र सौंप कर नियम विरुद्ध आबंटित सामुदायिक भवन के आबंटन को निरस्त कर नियमानुसार कार्यवाही किए जाने की मांग की है। पार्षदगण तथा सांसद प्रतिनिधि ने बताया कि उनके द्वारा तिवारी को बताया गया कि नगर पंचायत से संबंधित किसी भी तरह की जानकारी मांगी जाती है तो मुख्यनगरपालिका अधिकारी द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी प्राप्त करने की बात पार्षदों से कही जाती है तथा इस तरह नगर पंचायत के चुने हुए जनप्रतिनिधियों को जानकारी देने के बजाय उन्हें गुमराह किया जाता है तथा कार्यवाहियों की जानकारी देने के बजाय जानकरी को छुपाने का प्रयाश किया जाता है। पार्षदों ने बताया कि अनुविभागीय अधिकारी तिवारी ने बताया कि नगर पंचायत की जानकारी मुख्यनगर पालिका अधिकारी को पार्षदों को उपलब्ध कराना है इसके लिए पार्षदों को लिखित में पत्र देना होगा तथा 3 दिवस में मुख्यनगर पालिका अधिकारी पार्षदों द्वारा मांगी गई जानकारी पार्षदों को उपलब्ध कराएगा।
प्राप्त जानकारी अनुसार अनुविभागीय अधिकारी तिवारी ने पार्षदों के समक्ष ही मुख्यनगर पालिका अधिकारी मनीष गायकवाड़ को मोबाइल पर पार्षदों के शिकायत की जानकारी देते हुए नियमावली सहित उपस्थित होने कहा है। तिवारी ने पार्षदों को आश्वस्त किया है कि नगरपालिका अधिनियम के नियमो के अनुसार ही पी.आई.सी.तथा परिषद को कार्यवाही करना होता है शिकायत की जांच कर नियमो के पालन के संबंध में जानकारी लेकर नियमानुसार कार्यवाही किया जाएगा ।साथ ही अगर किसी के द्वारा नियम विरुद्ध निर्माण कार्य किया जा रहा है तो उस पर भी नियमानुसार रोक लगाए जाने का प्रावधान है। तिवारी ने पार्षदों को कहा कि अगर कोई भी कार्यवाही नियमानुसार नही की गई होगी तो उस पर उचित कार्यवाही की जाएगी।
इस विषय पर पार्षदगण सुभद्रा टांडेकर, माया जयेश ठाकुर, दशोदा भुआर्य,रहिमत कोशमा नारायण सिन्हा, मनी बघेल तथा सांसद प्रतिनिधि संदीप लोढा ने कहा कि किसी भी भवन को किराये पर देने के पहले परिषद की बैठक में सहमति लेना आवश्यक होता है तथा परिषद में सहमति के बाद उस भवन को किराये पर देने के संबंध में इश्तहार या निविदा आमंत्रित किया जाना चाहिए तथा उसके बाद इश्तहार या निविदा में आने वाले आवेदनों पर नियमानुसार कार्यवाही का आबंटन का कार्य किया जाना चाहिए ।मगर पी .आई.सी.में नियमो का पालन नही किया गया है इसलिए इस आबंटन को निरस्त कर नियमानुसार आबंटन की कार्यवाही किया जाना चाहिए ।साथ ही सामुदायिक भवन निर्माण में किसी तरह के बदलाव किए जाने की सहमती भी परिषद में नही लिया गया है जो नियमानुसार गलत प्रक्रिया के तहत आबंटन किया गया है। इसलिए आबंटन को तत्काल निरस्त कर नियमानुसार कार्यवाही कर आबंटन किया जाना चाहिए ।

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